नूरपुर रोड-बैजनाथ रूट के यात्रियों को झटका, हर शुक्रवार ट्रेन सेवाएं रहेंगी बंद; रेलवे ने बताई वजह

राज्य

पठानकोट 
करीब पौने चार साल तक बंद रहने के बाद दोबारा शुरू हुई नैरोगेज ट्रेन सेवा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। रेलवे ने ट्रैक की मरम्मत और रखरखाव का हवाला देते हुए नूरपुर रोड-बैजनाथ के बीच चल रही दो जोड़ी ट्रेनों को अगले आदेश तक रद्द कर दिया है।

रेलवे के इस फैसले से यात्रियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जिस ट्रैक को लगभग पौने चार वर्षों तक बंद रखा गया, उसकी मरम्मत और रखरखाव का कार्य उसी दौरान पूरा किया जाना चाहिए था। अब जब रेल सेवा बहाल हो चुकी है और लोग फिर से ट्रेन का उपयोग करने लगे हैं, तो हर सप्ताह ट्रेनों का संचालन बंद रखने का फैसला उनकी समझ से परे है।

फरवरी में ही मिल गई थी सेफ्टी क्लीयरेंस
फरवरी में चक्की पुल को मंजूरी मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने कई बार इस सेक्शन पर रेल सेवा जल्द बहाल करने का दावा किया था। फरवरी से मई तक मौसम भी अनुकूल रहा, जिससे ट्रैक की व्यापक मरम्मत और रखरखाव का कार्य आसानी से किया जा सकता था। इसके बावजूद उस दौरान कोई विशेष मेंटेनेंस अभियान नहीं चलाया गया।

अब, ट्रेन सेवा शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद रखरखाव का हवाला देकर सेवाएं बंद किए जाने से लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे अपनी प्रशासनिक खामियों और अधूरे कार्यों को छिपाने की कीमत यात्रियों से वसूल रहा है, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मजबूरी में बसों का लेना होगा सहारा
ट्रेन सेवाएं बंद होने से पठानकोट, नूरपुर, ज्वालामुखी, कांगड़ा, पालमपुर और बैजनाथ की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को मजबूरन बसों का सहारा लेना पड़ेगा। इससे उन्हें रेल किराए की तुलना में कई गुना अधिक खर्च वहन करना होगा।

रेलवे के आदेश के अनुसार ट्रेन संख्या 52462 (बैजनाथ पपरोला-नूरपुर रोड) और 52474 (नूरपुर रोड-बैजनाथ पपरोला) को अगले आदेश तक रद्द रखा जाएगा। इसके अलावा, ट्रैक और अन्य संरचनाओं के रखरखाव के लिए प्रत्येक शुक्रवार कांगड़ा वैली रेलवे सेक्शन में सभी नैरोगेज यात्री ट्रेन सेवाएं बंद रहेंगी।

फैसले पर पुनर्विचार करे रेलवे
रेल यात्रियों और स्थानीय संगठनों ने रेलवे मंत्रालय से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमित रखरखाव आवश्यक है, तो इसके लिए पूरे दिन ट्रेन सेवाएं बंद करने के बजाय कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि हजारों यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।

यात्रियों का सवाल है कि जब रेलवे को ट्रैक की स्थिति और रखरखाव की जरूरतों की पहले से जानकारी थी, तो सेक्शन शुरू करने से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे क्यों नहीं किए गए। उनका मानना है कि सेवा बहाल होने के कुछ ही समय बाद लिया गया यह फैसला रेलवे की कार्यप्रणाली और योजना निर्माण पर सवाल खड़े करता है। वहीं, इस मामले में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण विभाग को यह कदम उठाना पड़ रहा है।

 

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