लखनऊ
बुनकरों को आधुनिक तकनीक वाली मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस संदर्भ में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका का भी प्रमुख आधार है। इसलिए विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी
बुधवार को पिकप भवन में उन्होंने राज्य हथकरघा निगम, यूपिका, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए।
उन्होंने राज्य हथकरघा निगम एवं यूपिका के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में निर्मित हथकरघा एवं वस्त्र उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित किया जाए। उत्पादों की ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मार्केटिंग को और सुदृढ़ बनाने, ई-कामर्स प्लेटफार्म से जुड़ाव बढ़ाने तथा नए बाजारों की तलाश करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति, बजट व्यय, निगमों की वित्तीय स्थिति, उत्पादन एवं विपणन संबंधी उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
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