मोहाली
पंजाब सरकार की ओर से अब चंडीगढ़ की तर्ज पर मोहाली में भी वर्किंग वुमेन हॉस्टल बनाया जाएगा। यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। करीब 15 साल से इसकी मांग की जा रही थी। इसका नींव पत्थर सेक्टर-66 में आज कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर रखेंगी।
अब तीन प्वाइंटों में जानिए हॉस्टल कितना जरूरी
मोहाली में कई कंपनियां व यूनिवर्सिटी: मोहाली में विकास काफी तेज गति से हुआ है। पढ़ाई और रोजगार के लिए पंजाब समेत अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में महिलाएं मोहाली आती हैं। इलाके में कई नामी कंपनियां चल रही है, जहां पर महिलाएं काम करती है। ऐसे में काफी समय से यह मांग चल रही थी कि यहां पर वर्किंग वुमन हास्टल बनाया जाए।
सुरक्षा को लेकर चिंता: शहर में नए एरिया भी बसे हैं। प्राइवेट पीजी और हॉस्टलों में रहने वाली महिलाओं के साथ लूटपाट, धोखाधड़ी और सुरक्षा संबंधी घटनाओं के मामले सामने आते रहे हैं। इतना ही नहीं पीजीआई में हत्या तक हुई। ऐसे में लोगों को सुरक्षा का हर समय डर रहता है।
महंगे किराए से राहत: प्राइवेट पीजी और कमरों का किराया अधिक होने के कारण कई कामकाजी और छात्राएं परेशानी झेलती हैं। सरकारी हॉस्टल उन्हें सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराएगा। प्राइवेट पीजी में किराया बहुत है। महिलाओं को उचित सुविधाएं भी नहीं मिल पाती है।
इस प्रोजेक्ट को पहले मिली मंजूरी
मोहाली के सबसे बड़े महिला हॉस्टल प्रोजेक्ट पर ₹73.85 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसमें 350 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। सेक्टर-79 हॉस्टल के प्रोजेक्ट पर ₹12.57 करोड़ खर्च होंगे। फंडिंग में 60% राशि केंद्र सरकार के निर्भया फंड से और 40% (करीब ₹5.03 करोड़) पंजाब सरकार देगी।
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