चंडीगढ़
हरियाणा सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी और नशे से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में 13 नई फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। न्याय प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इन अदालतों का गठन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज मामलों की शीघ्र सुनवाई और लंबित मामलों के बोझ को कम करने के उद्देश्य से किया गया है।
राज्य सरकार के मुताबिक फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक, यमुनानगर और फतेहाबाद जिलों में एक-एक अतिरिक्त विशेष अदालतें स्थापित करने का निर्णय लिया है। वहीं, फतेहाबाद में पहले से स्थापित अदालतों के अतिरिक्त दो नई और सिरसा में छह नई कोर्ट स्थापित करने का फैसला किया है। इन अदालतों को विशेष रूप से नशा तस्करी, मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, परिवहन और संबंधित अपराधों की सुनवाई के लिए अधिकृत किया गया है। राज्य में पहले से ही आठ फास्ट ट्रैक स्थापित हैं। इस प्रकार राज्य में अब कुल 21 अतिरिक्त फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें राज्य में कार्य करेंगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन अदालतों में अपर सत्र न्यायाधीश स्तर के न्यायिक अधिकारियों को विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
यह नियुक्तियां पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सहमति से की गई हैं। सरकारी अधिकारियों के अनुसार राज्य में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान बड़ी संख्या में एनडीपीएस मामलों का पंजीकरण हुआ है। ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे, आरोपियों को शीघ्र सजा दिलाने व न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए विशेष अदालतों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। जानकार कहते हैं कि नई अदालतों के गठन से लंबित मामलों का बोझ कम होगा, गवाहों के बयान समय पर दर्ज हो सकेंगे और जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत मामलों का तेजी से निपटारा संभव हो सकेगा। इससे राज्य सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को भी मजबूती मिलेगी।
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