पटना में योग दिवस का असर: स्कूलों में योग पढ़ाने की तैयारी, सीएम बोले स्वस्थ जीवन ही सफलता की कुंजी

राज्य

नई दिल्ली
 भारत समेत पूरी दुनिया में विश्व योग दिवस की धूम है। रविवार यानी 21 जून को दुनिया भर में लोगों ने अलग-अलग जगहों पर योग किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग किया और देशवासियों के स्वस्थ रहने की कामना की है। बिहार में भी योग दिवस को लेकर लोगों में उत्साह नजर आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित कंकड़बाग पाटलिपुत्र खेल परिसर में योग दिवस पर योग किया। उनके साथ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, सांसद ललन सिंह पूर्व मंत्री मंगल पांडेय समेत कई नेताओं ने योग किया है। इस बेहद ही खास मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मुख्यमंत्री से एक मांग की जिसे लेकर सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान भी किया।

दरअसल बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मैंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अनुरोध किया है कि बिहार के जितने भी स्कूल और कॉलेज हैं उसके पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में योग से संबंधित आधे घंटे का एक प्रोग्राम होना चाहिए जिसमें योग, ध्यान इत्यादि चीजें कराई जाए। हालांकि, इसके लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा बल्कि यह छात्रों की इच्छा पर निर्भर करेगा कि अगर उन्हें करना है तो इसे करें या ना करें। इसके लिए हाजिरी बनाने या फिर क्लास करने की भी जरूरत नहीं होगी और ना ही इसकी परीक्षा होगी।

सम्राट चौधरी ने किया बड़ा ऐलान
निशांत कुमार के इस आग्रह पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य के स्कूल-कॉलेजों में योग के पाठ्यक्रम को शामिल किया जाएगा। सीएम ने कहा कि जिस जिले से मैं आता हूं उसी जिले से योग का केंद्र दुनिया में गया और दुनिया के लोग आज भी मुंगेर की धरती पर आते हैं और योग को दुनिया भर में फैलाने का काम करते हैं। इसलिए मैं सबसे स्वस्थ रहने की कामना करता हूं। सरकार का एक बड़ा बजट इसमें खर्च होता है और सरकार चाहती है कि आप स्वस्थ रहें तथा आपके जीवन में खुशहाली रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत से जोड़ना पड़ा ताकि देश स्वस्थ रहे।

इसके बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि हमारे मंत्री का विशेष आग्रह है कि योग को हमारे पाठ्यक्रम में जोड़ना चाहिए। इसलिए मैं जरूर यह कहता हूं कि हमारे यहां जो पीटी की व्यवस्था है और तमाम जो अन्य कार्य स्कूल-कॉलेज में किए जाते हैं तो अब साल से मैं जरूर निर्देशित करूंगा कि योग को भी अपने पाठ्यक्रम में जोड़कर इसको आगे बढ़ाने का काम करें। हमारा जीवन तब ही सफल होगा जब हम स्वस्थ रहें। आप अगर अपने जीवन में अगर योग का सहारा लेंगे तो जीवन की उन्नति खुद-ब-खुद बढ़ जाएगी।

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