पंजाब कांग्रेस में कलह पर राहुल गांधी की क्लास, पांच बड़े नेताओं के साथ बैठक में पढ़ाया एकता का पाठ

राज्य

 चंडीगढ़

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले  पंजाब कांग्रेस के पांच नेताओं के साथ अहम बैठक की।  इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को समाप्त करना था। राहुल ने वरिष्ठ नेताओं को एकजुटता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और विजय इंदर सिंगला समेत अन्य नेता शामिल थे। बाजवा ने बताया कि राहुल गांधी ने सभी वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। संगठनात्मक बदलाव का फैसला राहुल गांधी पर छोड़ दिया गया है। पंजाब की जनता कांग्रेस को एक और अवसर देने के लिए तैयार है। 

उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन का हवाला दिया। कांग्रेस ने तब 14 में से 8 संसदीय सीटें जीती थीं, जिनमें सात पंजाब की थीं। बाजवा के अनुसार, एकजुट होकर कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव में 70 से 80 सीटें जीत सकती है।

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां 
पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बताया कि यह बैठक 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए थी। सभी नेताओं ने इसमें अपनी राय रखी। वड़िंग ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान नितिन नबीन के पंजाब दौरे पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा का पंजाब में जबरदस्ती करने का सपना पूरा नहीं होगा। पंजाब के लोग ऐसी किसी भी जबरदस्ती को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

संगठनात्मक बदलाव पर मंथन 
पार्टी में प्रधान पद में बदलाव को लेकर भी चर्चा चल रही है। सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम पर विचार हो रहा है। पार्टी आलाकमान इन दोनों नामों पर गहन मंथन कर रहा है। प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करना पार्टी आलाकमान के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पार्टी ने गुटबाजी पर सख्त रुख अपनाया है। राहुल ने पहले भी पंजाब दौरे के दौरान चेतावनी दी थी कि जो नेता काम नहीं करेगा, उसे घर बैठा दिया जाएगा।

नेताओं के साथ व्यक्तिगत बैठकें 
बैठक से पहले पर्यवेक्षकों ने भी नेताओं के साथ व्यक्तिगत बैठकें की थीं। इन बैठकों में सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और जिला प्रधान शामिल थे। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले समय मांगा था। उन्होंने बैठक के दौरान अपनी बात विस्तार से रखी। ये बैठकें नेताओं की व्यक्तिगत राय जानने के लिए महत्वपूर्ण थीं।

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry