किराया बढ़ोतरी को मंजूरी नहीं, फिर भी वसूले जा रहे अतिरिक्त पैसे; शिकायतों पर होगी जांच

राज्य

पटना
राजधानी पटना में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से यात्रियों की भारी फजीहत हो रही है। इन चालकों ने बिना किसी सरकारी आदेश के किराये में अचानक बढ़ोतरी कर दी है। ऑटो और ई-रिक्शा चालक मनमाने ढंग से यात्रियों से पैसे वसूल रहे हैं। यह बात सामने आने के बाद अब डीटीओ ने चालकों पर ऐक्शन लेने की बात कही है। अभी हालत यह है कि बोरिंग रोड से राजापुर के बीच कई जगहों पर निर्धारित किराया सात रुपये है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से ऑटो और ई-रिक्शा चालक यात्रियों से 10 रुपये वसूल रहे हैं। इसी तरह पटना जंक्शन से कंकड़बाग का तय किराया 15 रुपये है, जबकि चालक 20 रुपये तक ले रहे हैं।

वहीं बेली रोड से गोला रोड तक का किराया 30 रुपये निर्धारित है, लेकिन कई चालक 35 रुपये वसूल रहे हैं। अधिक किराया वसूले जाने को लेकर आए दिन यात्रियों और चालकों के बीच कहासुनी हो रही है। कई मामलों में जिला परिवहन अधिकारियों के औचक निरीक्षण के दौरान यात्रियों ने इसकी शिकायत भी की है। बता दें कि सीएनजी कीमतों में बढ़ोतरी के बाद ऑटो चालक संघ ने किराया बढ़ाने की मांग को लेकर परिवहन सचिव को पत्र भेजा है।

हालांकि, अभी तक परिवहन विभाग की ओर से किराया बढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई है। नियमानुसार परिवहन विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद ही पटना के प्रमंडलीय आयुक्त किराये में संशोधन का आदेश जारी कर सकते हैं। इसके बावजूद शहर के कई रूटों पर ऑटो और ई-रिक्शा चालक मनमाने तरीके से तीन से पांच रुपये अतिरिक्त वसूल रहे हैं। कई मामलों में अतिरिक्त किराया देने से इनकार करने पर यात्रियों के साथ विवाद भी हो रहा है।

पटना के डीटीओ उपेंद्र कुमार पाल ने कहा कि राजधानी पटना समेत पूरे जिले में ऑटो और ई-रिक्शा के किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऐसे में कोई भी चालक निर्धारित किराये से अधिक राशि नहीं वसूल सकता। इस संबंध में शिकायतें मिल रही हैं। जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर संबंधित चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वाहन पर किराया प्रदर्शित करना अनिवार्य
पटना जिला परिवहन कार्यालय के अनुसार जब भी किराये में आधिकारिक रूप से बढ़ोतरी की जाएगी, इसकी सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी। इसके बाद सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को अपने वाहन पर रूटवार किराया सूची प्रदर्शित करनी होगी, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई रूटों पर चालक खुले पैसे (खुदरा) नहीं होने का हवाला देकर यात्रियों को एक-दो रुपये कम वापस करते हैं। इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी यात्रियों को उठाना पड़ता है।

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