मुंबई
नई दिल्ली. अमेरिका में टेक शेयरों की जोरदार बिकवाली के कारण बाजार में आई गिरावट एशियाई बाजारों तक पहुंच गई है. भारतीय शेयर बाजार आज लाल निशान में कारोबार कर रहा है. समाचार लिखे जाने तक सेंसेक्स 574 अंक टूटकर तो 168 अंक गिरकर कारोबार कर रहा था. एशियाई बाजारों में सबसे बड़ा झटका दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार को लगा. मेन इंडेक्स कोस्पी 9% से ज्यादा टूट गया. भारतीय समयानुसार दिन के 11 बजकर 34 मिनट पर सर्किट लगने के बाद कोस्पी में ट्रेडिंग रोक दी गई. तीन घंटे में ही निवेशकों के ₹23 लाख करोड़ डूब गए।
दक्षिण कोरिया के अलावा जापान, चीन, हांगकांग और ऑस्ट्रेलिया के बाजार भी दबाव में दिखाई दिए. जापान का निक्केई 225 इंडेक्स करीब 1.5% गिर गया. चीन का सीएसआई 300 इंडेक्स लगभग 1% नीचे आ गया. हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करता दिखाई दिया. ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स भी फिसल गया।
अमेरिका में एआई शेयरों में गिरावट
सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली. इसका असर एसएंडपी 500 और नैस्डैक जैसे प्रमुख इंडेक्स के फ्यूचर्स पर भी पड़ा है. एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.53% नीचे और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स लगभग 1% तक फिसल गए. सबसे ज्यादा दबाव उन कंपनियों पर दिखा, जिन्हें AI क्रांति का सबसे बड़ा फायदा मिलने वाला माना जा रहा था. अमेरिका की इस कमजोरी का असर दक्षिण कोरिया में दिखाई दिया. दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था और उसका शेयर बाजार एआई और सेमीकंडक्टर सेक्टर से काफी हद तक जुड़ा हुआ है।
तेजी पर सवार था कोरियाई शेयर बाजार
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी कंपनियां AI सर्वर और डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की दुनिया की सबसे बड़ी सप्लायर हैं. पिछले कई महीनों से AI की मांग बढ़ने के कारण इन कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी आई थी. इस वजह से कोस्पी में भी जोरदार बढ़त दर्ज की गई. लेकिन आज, 23 जून को अचानक निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
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