तरनतारन में बड़ा खुलासा, फर्जी नशा मुक्ति केंद्र चला रहा था आरोपी; डॉक्टर बनकर मरीजों को कर रहा था एडमिट

राज्य

तरनतारन.

तरनतारन में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक कथित अवैध नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़ किया गया है। आरोप है कि केंद्र संचालक खुद को डॉक्टर बताकर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे और नशा छुड़ाने के नाम पर उन्हें गैरकानूनी तरीके से केंद्र में बंधक बनाकर रखा गया था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने सात लोगों को वहां से मुक्त कराया। मामले में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें से एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। थाना सिटी तरनतारन के प्रभारी निरीक्षक परमजीत सिंह विरदी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर में एक नशा मुक्ति केंद्र बिना वैधानिक अनुमति के संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ संयुक्त रूप से छापा मारा गया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

डॉक्टर बता कर रहे थे उपचार
पुलिस के अनुसार, अमृतसर निवासी सरबजीत सिंह और राणा प्रताप सिंह इस केंद्र का संचालन कर रहे थे। दोनों पर आरोप है कि वे स्वयं को डॉक्टर बताकर लोगों को उपचार का भरोसा देते थे। इसके बाद नशे की लत से जूझ रहे लोगों को केंद्र में रखकर उनका गैरकानूनी तरीके से इलाज किया जाता था। पुलिस का दावा है कि केंद्र में मौजूद लोगों को उनकी इच्छा के विरुद्ध बंधक बनाकर रखा गया था। छापेमारी के दौरान केंद्र से सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन सभी को तत्काल गांव ठरू स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां अब उनका चिकित्सकीय उपचार और देखभाल की जा रही है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की शुरू
पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, गैरकानूनी तरीके से लोगों को बंधक बनाकर रखने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के दौरान राणा प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरे आरोपित सरबजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। थाना प्रभारी परमजीत सिंह विरदी ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि केंद्र कितने समय से संचालित किया जा रहा था, यहां अब तक कितने लोगों का इलाज किया गया और क्या इसके लिए किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति ली गई थी या नहीं।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry