अमरनाथ यात्रा में काशी की सेवा का संगम, चंदनवाड़ी भंडारे की कमान संभालेंगे 70 बनारसी सेवादार

उत्तर प्रदेश राज्य

वाराणसी 
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार अमरनाथ यात्रा में काशी का विशेष स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति वाराणसी के 70 सेवादार चंदनवाड़ी में विशाल सेवा शिविर और भंडारे का संचालन करेंगे।

यह समिति पिछले 25 वर्षों से यात्रा में सेवा प्रदान कर रही है। इसका भंडारा 3 जुलाई से रक्षाबंधन तक चलेगा। समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि श्रद्धालुओं को बनारस की प्रसिद्ध पूड़ी-कचौड़ी, गरम जलेबी, ठंडाई और बनारसी पान निःशुल्क परोसा जाएगा। असली स्वाद के लिए बनारस से अनुभवी हलवाई भी ले जाए जा रहे हैं।

बनारसी व्यंजनों के साथ-साथ दक्षिण भारतीय, गुजराती और पंजाबी भोजन भी श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जाएगा। रोजाना 1000-1500 श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही 300 यात्रियों के ठहरने, गर्म कपड़े, शॉल और मोजे की सुविधा भी शिविर में उपलब्ध रहेगी।

सेवा कार्य के लिए सेवादारों का पहला जत्था 20 जून को रवाना हो चुका है। शेष 70 सेवादार 28 जून को वाराणसी से ट्रेन द्वारा चंदनवाड़ी पहुंचेंगे। इनमें रसोइये, पदाधिकारी और स्वयंसेवक शामिल हैं।

काशी की आतिथ्य परंपरा और बनारसी व्यंजनों की खुशबू इस बार बाबा बर्फानी के दरबार तक पहुंचेगी। श्रद्धालुओं के लिए यह पहल स्वाद के साथ-साथ काशी की सेवा संस्कृति की मिसाल बनेगी।

अमरनाथ यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं को काशी के विशेष व्यंजनों का अनुभव करने का मौका मिलेगा। वाराणसी की श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति ने इस बार चंदनवाड़ी में भंडारे का आयोजन किया है, जिसमें 70 सेवादार श्रद्धालुओं की सेवा में जुटेंगे।

समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि यह भंडारा 3 जुलाई से रक्षाबंधन तक चलेगा। पिछले 25 वर्षों से यह समिति अमरनाथ यात्रा में सेवा कर रही है। इस बार श्रद्धालुओं को बनारस की प्रसिद्ध पूड़ी-कचौड़ी, गरम जलेबी, ठंडाई और बनारसी पान का स्वाद निःशुल्क मिलेगा।

इस भंडारे में बनारसी व्यंजनों के साथ-साथ अन्य राज्यों के व्यंजन भी उपलब्ध होंगे। श्रद्धालुओं के लिए रोजाना 1000-1500 लोगों के भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, 300 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था, गर्म कपड़े, शॉल और मोजे की सुविधा भी शिविर में उपलब्ध रहेगी।

सेवा कार्य के लिए सेवादारों का पहला जत्था 20 जून को रवाना हो चुका है। शेष 70 सेवादार 28 जून को वाराणसी से ट्रेन द्वारा चंदनवाड़ी पहुंचेंगे। इनमें रसोइये, पदाधिकारी और स्वयंसेवक शामिल हैं।

इस बार काशी की आतिथ्य परंपरा और बनारसी व्यंजनों की खुशबू बाबा बर्फानी के दरबार तक पहुंचेगी। यह पहल श्रद्धालुओं के लिए न केवल स्वाद का अनुभव कराएगी, बल्कि काशी की सेवा संस्कृति की एक नई मिसाल भी पेश करेगी।

 

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