नारायणपुर में खरीफ की तैयारियां तेज: 47% खाद और 87% प्रमाणित बीजों का भंडारण पूरा, वितरण में आई तेजी
रायपुर
खरीफ सीजन 2026 को सफल बनाने और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग नारायणपुर द्वारा युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। जिले में किसानों को समय पर खाद और उन्नत बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भंडारण और वितरण के कार्य में तेजी आई है, ताकि मानसूनी बुवाई के दौरान अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कृषि विभाग द्वारा जारी ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, जिले में खाद और बीज की उपलब्धता तथा वितरण की स्थिति काफी मजबूत है। जिले में लक्ष्य के मुकाबले अब तक आधे से अधिक खाद-बीज का वितरण पूरा किया जा चुका है।
जिले के खेतों को समृद्ध करने के लिए इस साल कुल 4,645 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक वितरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य के मुकाबले विभाग अब तक 2,187.80 मीट्रिक टन खाद का सुरक्षित भंडारण कर चुका है, जो कि कुल लक्ष्य का लगभग 47 प्रतिशत है। राहत की बात यह है कि भंडारित की गई इस खाद में से 1,511.35 मीट्रिक टन यानी उपलब्ध खाद का 69 प्रतिशत किसानों के हाथों तक पहुंच चुका है, जिससे खेतों में शुरुआती पोषण की कमी नहीं होगी।
दूसरी ओर, खेतों में बेहतर अंकुरण और बंपर पैदावार के लिए प्रमाणित बीजों का वितरण भी बेहद संतोषजनक है। जिले को इस सीजन के लिए 2,303 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य मिला था, जिसके जवाब में विभाग ने रिकॉर्ड तेजी दिखाते हुए 2,011.80 क्विंटल बीजों का भंडारण कर लिया है। यह कुल लक्ष्य का शानदार 87 प्रतिशत है। इस उपलब्ध बीज में से 1,355.96 क्विंटल लगभग 67 प्रतिशत बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, और किसान अब अपने खेतों में बुवाई की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।
कालाबाजारी पर रोक और पारदर्शी वितरण प्राथमिकता
जिले की कृषि विभाग की उपसंचालक ने बताया कि इस बार रणनीति एडवांस प्लानिंग के तहत तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐन बुवाई के वक्त किसी भी किसान को कतारों में न लगना पड़े और न ही सामग्री की कमी हो। खाद और उन्नत बीजों का भंडारण व उठाव समानांतर रूप से जारी है ताकि अंदरूनी क्षेत्रों के अंतिम किसान तक इसकी समय पर पहुंच हो सके। कृषि विभाग ने राज्य के किसानों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के भ्रम या बिचौलियों के झांसे में न आएं।
किसान केवल प्राधिकृत (अधिकृत) विक्रेताओं और शासकीय सहकारी समितियों से ही खाद-बीज की खरीदी करें।खरीदी के समय पावती/बिल अवश्य लें। किसी भी प्रकार की किल्लत, गुणवत्ता में कमी या अधिक दाम वसूलने की शिकायत पर तत्काल अपने नजदीकी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) या जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
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