हरियाणा सरकार का फैसला, आईटीआई के ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों को मिलेगी आर्थिक सहायता

राज्य

चंडीगढ़
 हरियाणा सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है। इसके पीछे सरकार की सोच है कि विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा की ओर आकर्षित होंगे।

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के विद्यार्थियों के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड (आर्थिक मदद) देने की मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। आर्थिक सहयोग मिलने से आईटीआई में दाखिले बढ़ेंगे, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।

वर्ष 2026-27 के सत्र के लिए हरियाणा के 377 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 197 सरकारी और 180 निजी आईटीआई शामिल हैं। इन संस्थानों में करीब एक लाख सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।

विद्यार्थियों को 89 से अधिक इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण का विकल्प मिलेगा, जिनमें पारंपरिक ट्रेडों के साथ आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रम भी शामिल हैं।

हरियाणा सरकार इस समय ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) पर विशेष जोर दे रही है। इस मॉडल में विद्यार्थियों को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि प्रशिक्षण के दौरान ही उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव दिया जाता है।

प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विभाग ने सभी आईटीआई में हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं। आईटीआई में प्रवेश के लिए आठवीं, दसवीं और बारहवीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। अलग-अलग ट्रेडों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है।

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