पंजाब में भारी बारिश का कहर, स्कूलों के पहले दिन कम रही छात्रों की मौजूदगी; जल्द दस्तक देगा मानसून

राज्य

चंडीगढ़ 
पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर और मोहाली में बारिश हुई। इसके साथ ही चंडीगढ़ में बूंदाबांदी हुई। पठानकोट में बारिश के कारण स्कूल खुलने के पहले दिन ही कई बच्चे सुबह से नहीं पहुंच पाए। जबकि मोहाली और जांलधर में ठंडी हवांए चली।पठानकोट में करीब 5 घंटे हुए बारिश के बाद शहर में सड़कों पर करीब 3 से 4 फीट तक जगह-जगह पानी भर गया। इसक अलावा खड्डी नाला उफान पर आ गया, जिससे पानी पुल के ऊपर से जाने लगा।

मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूरे पंजाब और चंडीगढ़ में यलो अलर्ट जारी किया है। 2-3 दिन में मानसून आने की संभावना है। चंडीगढ़ समेत ट्राइसिटी में 12 बजे तक बारिश का अलर्ट है।

पठानकोट में 5 घंटे की मूसलाधार बारिश से थमा जनजीवन

मानसून की पहली जोरदार दस्तक ने पठानकोट शहर को पूरी तरह से जलमग्न कर दिया है। आज तड़के सुबह 2 बजे से लेकर सुबह 7 बजे तक लगातार 5 घंटों तक हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के विकास के दावों की पोल खोल कर रख दी। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाला 'खड्डी नाला' उफान पर है। मनवाल, सिउंटी सहित जिले के 100 से अधिक गांवों को शहर से जोड़ने वाले रास्तों से गुजरते खड्डी नाला ने रास्ते बंद कर दिए। जिसके चलते लोग समय पर कामों पर नहीं पहुंच पाए।

वहीं, शहर में पढ़ने वाले स्कूलों तक नहीं पहुंच पाए। शहर के गांधी चौक, अंदरूण बाजार में बरसात का पानी लोगों की दुकानों में घुसने से भारी नुक्सान हुआ है। लोगों ने बरसात से पहले शहर की निकासी के प्रबंध दरुस्त ना करने पर नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जताई है।

पहले ही दिन स्कूल बंद जैसे हालात गर्मियों की छुट्टियों के बाद आज स्कूल खुलने का पहला दिन था। बच्चे नए उत्साह के साथ स्कूलों के लिए तैयार हुए थे, लेकिन इस मूसलाधार बारिश ने उनके उत्साह पर पानी फेर दिया। सुबह के समय सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी जमा होने के कारण अधिकांश स्कूली बसें अपने गंतव्य (स्कूलों और बच्चों के घरों) तक नहीं पहुंच पाईं। जलभराव के चलते शहर के लगभग सभी स्कूलों में बच्चों की हाजिरी नामात्र दर्ज की गई। कई अभिभावकों को जलभराव के कारण रास्ते से ही बच्चों को लेकर घर लौटना पड़ा।

पॉश कॉलोनियों से लेकर मुख्य चौकों तक भारी जलभराव बारिश का सबसे भयानक रूप शहर की सड़कों और रिहायशी इलाकों में देखने को मिला। शहर के मुख्य मार्गों समेत कई प्रमुख कॉलोनियां पानी में डूब गईं।

बाउलियां रोड और गांधी चौक: यहां सड़कों पर कई फीट पानी जमा होने से गाड़ियां आधी डूब गईं। वडैहरा मोहल्ला और टीचर कॉलोनी: इन क्षेत्रों में जल निकासी ठप होने से पानी गलियों को पार कर लोगों के घरों के कमरों तक पहुंच गया। पॉश एरिया प्रताप नगर: शहर के इस पॉश इलाके में भी प्रशासनिक नाकामी साफ दिखी, जहां सड़कों पर नाले का गंदा पानी तैरता नजर आया।

वहीं औसत अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद पंजाब का औसत तापमान अब भी सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। मंगलवार को फरीदकोट राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

30 जून को हिमाचल तक पहुंचा मानसून: मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 30 जून मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष भागों, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों में आगे बढ़त दर्ज की है।

2-3 दिनों में पंजाब-चंडीगढ़ तक पहुंचेगा: अगले 2-3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पूरे दमन एवं दीव, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर तथा हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

3 दिन भारी बारिश का अलर्ट: मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब में 2 से 4 जुलाई तथा 6 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। चंडीगढ़ में 2 से 6 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

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