बिहार में 30 हजार भूमिहीनों को मिलेगा आवास, हजारों परिवारों को बड़ी राहत

राज्य

मुजफ्फरपुर.

बिहार के भूमिहीन परिवारों के लिए राज्य सरकार एक बड़ी सौगात लेकर आई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 'अभियान बसेरा-2' के तहत मुजफ्फरपुर जिले के करीब 1,400 परिवारों सहित राज्य के 30 हजार भूमिहीनों को वासभूमि (घर बनाने के लिए जमीन) उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है।

इसके लिए सभी जिलों को को टारगेट अलॉट कर दिया गया है। विभाग की योजना है कि आगामी 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक मौके पर इन सभी पात्र लाभार्थियों के बीच जमीन का बंदोबस्ती प्रमाण पत्र (वासगीत पर्चा) वितरित कर दिया जाए।

15 अगस्त तक पूरी होगी पहचान
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर साफ निर्देश दिया है कि 15 अगस्त से पहले हर हाल में नए और लंबित पड़े पात्र भूमिहीन लाभार्थियों की पहचान और भौतिक सत्यापन का काम पूरा कर लिया जाए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक 'अभियान बसेरा' के पहले चरण में 71 हजार 569 भूमिहीन परिवारों को जमीन देकर बसाया जा चुका है। अब इसके दूसरे चरण (बसेरा-2) की शुरुआत की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा लाभार्थी पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण जिलों से सामने आए हैं।

31 जुलाई तक तैयार होंगे प्रमाण पत्र
इस बार भ्रष्टाचार और गड़बड़ी को रोकने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। चयनित लाभार्थियों के बंदोबस्ती प्रमाण पत्र ऑनलाइन तैयार किए जाएंगे और संबंधित राजस्व अधिकारियों से इस पर डिजिटल/भौतिक हस्ताक्षर कराने की समयसीमा 31 जुलाई 2026 तय की गई है।

मुजफ्फरपुर के अपर समाहर्ता कुमार प्रशांत ने इस संबंध में जिले के सभी अंचलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी अंचलों से जल्द से जल्द भूमिहीनों का अंचलवार ब्योरा मांगा है, ताकि समय पर वासगीत पर्चा तैयार किया जा सके। इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग सीधे पटना मुख्यालय स्तर से की जा रही है।

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