फर्जी जीएसटी पंजीकरणों पर शिकंजा, सत्यापन अभियान में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं उजागर

राज्य

जयपुर 
राज्य में कर चोरी, अवैध बिलिंग एवं  इनपुट टैक्स क्रेडिट पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से राज्य कर विभाग द्वारा डेटा एनालिटिक्स आधारित एक विशेष सत्यापन अभियान संचालित किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर विसंगति मिली।

 60 में से 32 पंजीकरण निकले अवैध
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डेटा एनालिटिक्स एवं जोखिम विश्लेषण के आधार पर प्रदेशभर में चिन्हित संदिग्ध जीएसटी पंजीकरणों का भौतिक सत्यापन कराया गया। इस अभियान के तहत कुल 60 संदिग्ध पंजीकरणों की जांच की गई, जिसमें प्रारंभिक सत्यापन में ही 32 पंजीकरण अवैध एवं अस्तित्वहीन पाए गए। शेष चिन्हित प्रकरणों में जांच अभी निरंतर जारी है।

 15.73 करोड़ रुपए की राजस्व हानि रोकी गई
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन अभियान के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 15.73 करोड़ रुपए के इनपुट टैक्स क्रेडिट को अवरुद्ध किया जा चुका है। शेष प्रकरणों की गहनता से जांच की जा रही है और जांच पूर्ण होने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 डेटा आधारित प्रणाली की उपलब्धि
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता विभाग द्वारा विकसित डेटा एनालिटिक्स एवं जोखिम आधारित चयन प्रणाली की प्रभावशीलता को दर्शाती है। संदिग्ध लेन-देन एवं असामान्य व्यापारिक गतिविधियों जैसे विश्लेषणात्मक संकेतकों के आधार पर चिन्हित मामलों में इतनी बड़ी संख्या में पंजीकरणों में विसंगति का पकड़ा जाना विभाग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

 भविष्य में भी जारी रहेगा अभियान
अधिकारियों ने बताया कि अवैध बिलिंग एवं आईटीसी के माध्यम से सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाने वाले नेटवर्क के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार के डेटा आधारित विशेष अभियान निरंतर संचालित किए जाएंगे। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 इसके साथ ही विभाग ने समस्त करदाताओं से अपील की है कि वे राज्य के विकास में सहभागी बनते हुए केवल वास्तविक एवं विधिसम्मत व्यापारिक लेन-देन करें तथा अवैध बिलिंग व आईटीसी जैसी गतिविधियों से दूर रहें।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry