देवास.
गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा देवास (मप्र) के वारसी नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए बिलाल दुर्रानी (18) की पृष्ठभूमि और उसकी गतिविधियों को लेकर जांच जारी है। जांच एजेंसियों के अनुसार बिलाल प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक माड्यूल से जुड़ा है।
अब तक की जानकारी के अनुसार, बिलाल का परिवार मूल रूप से गुजरात के पालनपुर क्षेत्र का रहने वाला है। वर्ष 1997-98 में परिवार देवास आकर बस गया था। परिवार वारसी नगर क्षेत्र में रहता है। बिलाल के चार भाई हैं। उसका एक भाई गुजरात के मदरसे से एटीएस की कार्रवाई में हिरासत में लिया गया, जिसके बाद पूछताछ के आधार पर टीम देवास पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से बिलाल को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद एटीएस उसे अपने साथ गुजरात ले गई। बताया जा रहा है कि घटना के बाद परिवार के सदस्य भी देवास से गुजरात चले गए हैं। बिलाल भी मदरसे में पढ़ा है और टाइल्स का काम भी करता था।
पिता चाहते थे मदरसे में पढ़ाए, बिलाल ने चुना दूसरा काम
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बिलाल के पिता मोहसिनपुरा स्थित एक मदरसे में पढ़ाते थे। एक बार सभी बच्चों को पास कर दिया, तो निकाल दिए गए। बाद में दवाइयां देने का काम करने लगे। परिवार चाहता था कि बिलाल भी धार्मिक शिक्षा लेकर मदरसे में पढ़ाए। इसके लिए उसकी तालीम भी कराई गई थी, लेकिन बाद में वह ठेकेदारों के साथ टाइल्स लगाने का काम करने लगा। वह अलग-अलग निर्माण स्थलों पर काम करता था और अक्सर काम के सिलसिले में गुजरात भी जाता था। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, बिलाल का मोहल्ले में ज्यादा मेलजोल नहीं था। वह समय-समय पर गुजरात जाता था और कुछ दिन बाद वापस देवास लौटकर काम करने लगता था।
जांच एजेंसियां अब उसके यात्रा रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, डिजिटल गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। आरोप है कि बिलाल कथित तौर पर कुछ कट्टर डिजिटल समूहों से जुड़ा था और उनमें साझा होने वाली सामग्री को आगे भेजता था। इनमें वीडियो, फोटो और संदेश शामिल बताए जा रहे हैं। यह भी जांच की जा रही है कि इन गतिविधियों में उसकी भूमिका क्या थी और क्या वह केवल सामग्री साझा करता था या किसी बड़े नेटवर्क से भी जुड़ा था। इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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