टांडा उड़मुड़.
जिले में आवारा कुत्तों का आतंक फैला हुआ है। कल देर शाम गांव ओहड़पुर-बसी जलाल सम्पर्क रोड पर एक प्रवासी मजदूर की 4 साल की बच्ची को खेत में आवारा कुत्तों को नोच-नोच कर मार डाला। बच्ची की पहचान गुनगुन के तौर पर हुई है।
यह दुखद हादसा शाम करीब 5.30 बजे हुआ जब ध्यानपुर (लखीमपुर खीरी) उत्तर प्रदेश के रहने वाले खेत मजदूर उक्त स्थान के पास एक किसान के खेत में धान लगा रहे थे और उनमें से राम जीवन और प्रीति को अपनी बेटी गुनगुन करीब 100 मीटर दूर एक मोटर और एक पेड़ की छांव में लेटाया हुआ था। इसी बीच, करीब 7 आवारा कुत्तों ने बच्ची पर हमला कर दिया और उसे घसीटकर ले गए। बच्ची की चीखें सुनकर उसके माता-पिता और परिवार के दूसरे लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि गुनगुन गंभीर रूप से घायल पड़ी थी।
वे उसे टांडा के सरकारी अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी गंभीर हालत के कारण उसे होशियारपुर रेफर कर दिया गया, जहां उसी रात उसकी मौत हो गई। लड़की का परिवार बस्सी जलाल गांव में रहता था और धान की खेती करता था। आवारा कुत्तों के आतंक के कारण 6 मई को आवारा कुत्तों ने पास के गांव खरल खुर्द में एक प्रवासी मजदूर की बच्ची को भी नोच-नोच कर मार डाला था।
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