चंडीगढ़
पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर शुरू हुआ विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। पार्टी हाईकमान की ओर से मतभेद दूर करने की जिम्मेदारी संभाल रहे पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल मंगलवार को भी लगातार दूसरे दिन नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और वरिष्ठ नेता परगट सिंह के दिल्ली में होने के कारण वे इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। बघेल मंगलवार को सबसे पहले पंजाब कांग्रेस भवन में जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे।
इसके बाद हाल ही में गठित चुनाव समिति, कोर कमेटी तथा अन्य समितियों के अध्यक्षों के साथ अलग-अलग बैठक कर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करेंगे। सोमवार को उन्होंने चुनाव समिति के अध्यक्ष डॉ. अमर सिंह, विजय इंदर सिंगला, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से वन-टू-वन मुलाकात कर संगठन की स्थिति पर फीडबैक लिया था।
पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष की तस्वीर हुई स्पष्ट
चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं के बैठक में शामिल न होने से पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष की तस्वीर और स्पष्ट हो गई है। चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और परगट सिंह फिलहाल दिल्ली में हैं। सूत्रों के अनुसार चन्नी समर्थक नेता कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात कर संगठनात्मक नियुक्तियों और प्रदेश नेतृत्व से जुड़े अपने पक्ष को रखने की तैयारी में हैं।
इस बीच मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने की भी संभावना है। सूत्रों के मुताबिक चन्नी ने राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा है। हालांकि मुलाकात का समय तय नहीं हुआ था।
माना जा रहा है कि चन्नी गुट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व और हालिया संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर अपनी आपत्तियां सीधे केंद्रीय नेतृत्व के सामने रख सकता है।
उधर, प्रताप सिंह बाजवा भी चन्नी गुट और वड़िंग गुट के बीच संवाद स्थापित कर विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सहमति बनती नजर नहीं आई है। पार्टी के भीतर दो धड़ों के बीच खिंचतान बरकरार रहने से विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बघेल ने कहा चन्नी से हुई है उनकी बात
भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी चरणजीत सिंह चन्नी से फोन पर बात हुई है। चन्नी फिलहाल शहर से बाहर हैं और एक-दो दिन में लौटेंगे। उनके लौटने के बाद उनसे अलग से बैठक कर पंजाब की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बघेल का कहना है कि वह सभी नेताओं से व्यक्तिगत स्तर पर बातचीत कर मतभेद दूर करने और पार्टी को एकजुट कर चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
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