चंडीगढ़.
हरियाणा सरकार प्रदेश के शहरों में सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मेट्रो विस्तार और नमो भारत ट्रेन परियोजनाओं के साथ अब सरकार सिटी बस सेवा को भी इलेक्ट्रिक बनाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है।
अगले दो वर्षों में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, रेवाड़ी, पलवल सहित एनसीआर से जुड़े शहरों में सीएनजी बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। सरकार ने इसके लिए बस अड्डों के आधुनिकीकरण और चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण का काम शुरू कर दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक किफायती बनाना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ईंधन पर होने वाला खर्च भी घटेगा। राज्य सरकार प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्राथमिकता दे रही है। सोनीपत और रेवाड़ी सहित कुछ शहरों में पहले ही इलेक्ट्रिक बसें रोडवेज बेड़े का हिस्सा बन चुकी हैं, जबकि अन्य शहरों में भी तेजी से तैयारियां चल रही हैं।
सरकार करीब 1,500 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की योजना पर काम कर रही है। आवश्यकता के अनुसार इनकी संख्या आगे बढ़ाई भी जा सकती है। इसके साथ ही प्रदेशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में हर 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध हो। कृषि क्षेत्र में भी हरियाणा सरकार इलेक्ट्रिक तकनीक को बढ़ावा देने की तैयारी में है। प्रदेश में ही इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार तीन कंपनियों से संपर्क में है। किसानों को इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खरीदने पर पांच लाख रुपये तक की सब्सिडी देने की योजना भी बनाई गई है। इसके अलावा निजी इलेक्ट्रिक वाहनों की सुविधा के लिए प्रत्येक जिले में आधुनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
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