लखनऊ
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल के परिणाम घोषित होने के साथ ही राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाती है लेकिन इस बार नियमावली में संशोधन के चलते प्रवेश में देरी हो रही है। बुधवार को नियमावली संशोधन के साथी प्रवेश प्रक्रिया 10 जुलाई से शुरू करने की तैयारी शुरू हो गईं है।
संशोधित नियमावली के तहत पहले की तरह आरक्षण व्यवस्था लागू रहेगी, लेकिन अब ब्लाक स्तर पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण का प्रविधान किया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को अपने ही क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ना है। प्रवेश के दौरान रिक्त रह गई सीटों पर नए अभ्यार्थियों को प्रवेशदिया जाएगा। पहले यह सीटें खाली रह जाती थीं।
हाईस्कूल की मेरिट से होगा चयन
हाईस्कूल की मेरिट के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया होगी। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। तहसील, ब्लाक और जिला स्तर पर मेरिट बनने से युवाओं को अपने इलाके में प्रवेश के अधिक अवसर मिलेंगे। ऐसे विद्यार्थी जिनका नाम मेरिट सूची में आ जाता था, लेकिन वह प्रवेश नहीं लेते थे और सीटें रिक्त रह जाती थी। इस बार अंतिम तिथि के बाद उन रिक्त सीटों पर दूसरे अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा।
अभ्यर्थियों को अपने क्षेत्र में प्रवेश का अधिक अवसर मिलेगा। हर स्तर पर उसे क्षेत्र के रहने वाले विद्यार्थियों के लिए 25 प्रतिशत सीटे आरक्षित होंगी। राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की वेबसाइट scvtup.in के माध्यम से आनलाइन आवेदन किए जाएंगे।
आइटीआइ पर एक नजर
वेबसाइट: scvtup.in
न्यूनतम आयु 14 वर्ष
योग्यताः हाईस्कूल उत्तीर्ण।
आवेदन शुल्कः सामान्य/पिछड़ा वर्ग – 250 रुपये, अनुसूचित जाति – 150 रुपये
सरकारी आइटीआइ संस्थान: 305
निजी आइटीआइ संस्थानः 3300
सरकारी संस्थानों में सीटें: 1,26,575
निजी संस्थानों में सीटें लगभग 3,71,732
इस बार एक अहम बदलाव है कि खाली सीटों को रिक्त नहीं छोड़ा जाएगा। संशोधित नियमों के तहत पात्र अभ्यर्थियों को अवसर देकर सभी सीटों को भरने के प्रयास किए जाएंगे। एआइ का प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। अलीगंज और चारबाग स्थित राजकीय आइटीआइ के स्मार्ट क्लासरूम के जरिए भी विद्यार्थियों को प्रशिक्षण मिलेगा। निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह की पहल पर वर्ष 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया में संशोधन किया जा रहा है। 10 जुलाई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी और 85 दिन तक चलेगी। – राजेंद्र प्रसाद, अपर निदेशक, प्रशिक्षण
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