बाड़मेर
पचपदरा में रिफाइनरी के शुभारंभ के साथ ही अब बाड़मेर-सांचौर बेसिन से तेल उत्पादन बढ़ाने पर जोर पड़ गया है। वर्तमान में 70 से 80 हजार बैरल प्रतिदिन तेल उत्पादित हो रहा है, जिसको अब 3 लाख बैरल प्रतिदिन करने की दरकार है। इसके लिए अब 1000 नए तेल कुओं पर कार्य प्रारंभ हो रहा है। बाड़मेर देश के अव्वल तेल उत्पादन क्षेत्र में है।
बाड़मेर बेसिन से 2025 में 10.2 मिलियन टन कच्चे तेल का उत्पादन हुआ, जो राष्ट्रीय उत्पादन का 35 प्रतिशत है। गुजरात के कैम्बे बेसिन और उससे सटे बॉम्बे हाई से 8.6 मिलियन टन कच्चे तेल के साथ-साथ 18 क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन हुआ, जिसमें जामनगर और वडीनार रिफाइनरियों को तेल जा रहा है। असम के ऊपरी असम शेल्फ से 4.8 मिलियन टन कच्चे तेल की आपूर्ति हुई।
देश की युवा ऑयल फील्ड में शुमार बाड़मेर के लिए अब पचपदरा में रिफाइनरी स्थापित होने के बाद दोहन की क्षमता बढ़ाने की नई चुनौती है। दरअसल, बाड़मेर में अब 70 से 80 हजार बैरल प्रतिदिन तेल का उत्पादन हो रहा है,जबकि जरूरत अब 3 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक की है।
रिफाइनरी की रहेगी बड़ी मांग
पचपदरा रिफाइनरी 9 मिलियन टन क्षमता की है। इसके लिए 7.5 मिलियन टन विदेश आयातित तेल होगा और 1.5 मिलियन टन बाड़मेर- सांचौर बेसिन से लिया जाना है। बाड़मेर सांचौर बेसिन से उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 2018 में 11 नए ब्लॉक आवंटित किए गए हैं। क्षेत्र भी अब 6411 वर्ग किमी कर दिया गया है। बावजूद इसके अभी तक बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है।
मौजूदा में लगा रहे तकनीकी जोर
विश्व में तेल का रिकवरी का रेट 35 से 40 प्रतिशत है। बाड़मेर सांचौर बेसिन में इनहेंस्ड ऑयल रिकवरी(ईआरओ), पॉलीमर इंजेक्शन, अल्कलाइन सल्र्फेंक्टेंट पॉलीमर जैसी आधुनिक तकनीकों को जोडक़र इस रिकवरी रेट को बढ़ाकर दस प्रतिशत ज्यादा किया जा रहा है। ताकि तेल के खजाने का अधिकतम दोहन हो सके
550 कुएं जोड़ दिए.. 1000 खुदेंगे और
अब तक बाड़मेर सांचौर बेसिन के 550 के करीब तेल कुओं को पचपदरा रिफाइनरी से कनेक्ट मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल(एमपीटी)के जरिए किया गया है। मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या तीन बड़े ऑयल फील्ड है। लेकिन अब 1000 के करीब नए कुएं खोदे जा रहे हैं। इनसे एक बड़ी सफलता की उम्मीद है। इस पर करीब 1.5 लाख करोड़ रुपए व्यय करने की योजना है।
केयर्न वेदांता समूह के चैयरमैन अनिल अग्रवाल ने बीते दिनों इसकी घोषणा की थी कि बाड़मेर-सांचौर बेसिन से अब तेल का उत्पादन 3 लाख बैरल प्रतिदिन ले जाने की योजना पर कार्य होगा। बाड़मेर में विपुल संभावनाएं हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

