रोहतक.
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के छात्र नेता दीपक धनखड़ का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें छात्र नेता ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से आयोजित यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक होने का दावा करते हुए मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छात्र नेता दीपक धनखड़ ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि 29 और 30 जून को आयोजित कुछ विषयों, विशेषकर सोशियोलाजी, के प्रश्न परीक्षा से पहले ही कुछ लोगों तक पहुंच गए थे। दीपक धनखड़ ने दावा किया कि कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले दो सेटों में प्रश्न पढ़ाए गए थे, जिनमें से एक सेट के लगभग 100 प्रश्न वास्तविक परीक्षा से मेल खाते हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक की गई सामग्री का एनटीए के मूल प्रश्नपत्र से आधिकारिक मिलान कराया जाए और इसकी स्वतंत्र डिजिटल फारेंसिक जांच कराई जाए। दावा किया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपर लीक कराने का दावा करने वाले कुछ लोगों से उनका संपर्क हुआ था।
राहुल गांधी का आया रिएक्शन
इस बीच, मामले को लेकर लोकसभा में नेता नि प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इंटरनेट मीडिया पर यूजीसी नेट परीक्षा में कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि सोशियोलाजी का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले बेचा गया। उन्होंने अपनी पोस्ट में हरियाणा के एडवोकेट दीपक धनखड़ से संबंधित एक रिपोर्ट का उल्लेख किया। पोस्ट में कहा है कि यदि ये आरोप सही हैं तो यह लाखों विद्यार्थियों की मेहनत और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था पर सीधा आघात है। इन दावों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी स चाहिए, ताकि विद्यार्थियों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास कायम रह सके।
मंत्री से कार्रवाई की उम्मीद बेकार
सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी तरह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद बेकार है। न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा। बदलाव का एकमात्र औजार हमारी सम्मिलित आवाज है। देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा रेव्यूलेशन लाकर रहेगी।
– राहुल गांधी
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