नई दिल्ली
अमेरिका और ईरान में जारी युद्ध के बीच कट्टरपंथी रुख वाले ईरानी अखबार ने ऐसा इन्फोग्राफिक पब्लिश किया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। अखबार ने कई विदेशी नेताओं के नाम और तस्वीरें छापते हुए दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने के लिए इन्हें निशाना बनाया जाना चाहिए। हालांकि, इस लिस्ट को ईरानी सरकार की आधिकारिक मंजूरी मिली हो, इसका कोई सबूत सामने नहीं आया है। अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों में मौत हो गई थी।
अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे और उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई ने भी कह चुके हैं कि इस हमले के जिम्मेदार लोगों को कीमत चुकानी होगी। शनिवार को पिता के अंतिम संस्कार के बाद जारी अपने पहले सार्वजनिक संदेश में उन्होंने कहा कि बदला लेना राष्ट्र की इच्छा है और यह होकर रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम सूची में हैं, वे शांतिपूर्ण मौत की इच्छा अपने साथ कब्र तक ले जाएंगे। इसके कुछ ही समय बाद तेहरान प्रशासन की ओर से छापे जाने वाले 'हमशहरी' अखबार ने ऑनलाइन एक इन्फोग्राफिक शेयर किया, जिसमें 13 विदेशी नेताओं की तस्वीरें मोजतबा खामेनेई के बयान के साथ प्रकाशित की गईं। हालांकि रविवार के प्रिंट कॉपी में यह सूची प्रकाशित नहीं हुई।
अखबार में किन नेताओं के नाम शामिल
मोजतबा खामेनेई ने अपने बयान में किसी भी व्यक्ति का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया था, लेकिन अखबार ने जिन नेताओं को सूची में शामिल किया, उनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर प्रमुख हैं। इसके अलावा अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का नाम भी इस सूची में शामिल बताया गया है।
युद्ध के दौरान ईरान लगातार कई यूरोपीय देशों पर आरोप लगाता रहा है कि उन्होंने उसके खिलाफ हुए हमलों की निंदा नहीं की और अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की इजाजत देकर अमेरिका का साथ दिया। इसी वजह से ईरान का पश्चिमी देशों के प्रति रुख और अधिक आक्रामक हो गया है। दूसरी ओर, मोजतबा खामेनेई युद्ध शुरू होने से पहले के बाद से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे। रिपोर्टों के अनुसार, जिस हमले में उनके पिता की मौत हुई थी, उसमें वह भी घायल हुए थे। इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है और दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ सख्त बयान दिए जा रहे हैं।
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