चंडीगढ़
वेंडिंग जोन और माडल वेंडिंग जोन की स्थिति की समीक्षा के लिए एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी ग्राउंड लेवल पर जाकर वेंडिंग जोन की वास्तविक स्थिति का पता लगाएगी। वेंडिंग जोन के नाम के बोर्ड तो सेक्टरों में लगे हैं, लेकिन इनकी फेंसिंग के भीतर घास और जंगल जैसी स्थिति है।
ऐसे में वेंडर कैसे काम कर पाएंगे, यह निगम को विचार करना चाहिए। यदि वेंडर वहां बैठ भी जाएं, तो ग्राहक कैसे पहुंचेंगे, यह एक बड़ा सवाल है। सेक्टर-52 और 49 जैसे क्षेत्रों में वेंडिंग जोन की स्थिति चिंताजनक है।
वेंडर्स को इन वेंडिंग जोन में स्थानांतरित करने के लिए 18 जुलाई को ड्राॅ आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद वेंडरों के लिए साइट और वेंडिंग जोन निर्धारित होंगे। टाउन वेंडिंग कमेटी द्वारा गठित कमेटी नई वेंडिंग जोन साइट का निरीक्षण भी करेगी।
यह देखना होगा कि नई साइट्स को अंतिम रूप दिया जाएगा या पुरानी साइट्स की स्थिति में सुधार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2020 की अधिसूचना रद होने से 789 वेंडर एसेंशियल सर्विस प्रोवाइडर कैटेगरी से बाहर हो गए हैं और अब ये सभी नान एसेंशियल सर्विस प्रोवाइडर कैटेगरी में शामिल हो गए हैं। इन्हें मौजूदा स्थानों से हटाकर वेंडिंग जोन में नई साइट्स पर बिठाना आवश्यक है।
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