एनएच-927 बनने से नेपाल व्यापार को मिलेगा नया रफ्तार

उत्तर प्रदेश राज्य

 लखनऊ
 बाराबंकी से बहराइच के बीच बनने जा रहे का फायदा लखनऊ व अन्य प्रदेशों के वाहनों को भी मिलेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने कवायद तेज कर दी है। एनएचएआइ के अलाइनमेंट में वन विभाग की जमीन आ रही है। इसी सत्तर हेक्टेअर जंगल से राष्ट्रीय राजमार्ग निकलना हैं और यहां नौ हजार पेड़ काटे जाने हैं।

उधर, कार्यदायी संस्था ने बाराबंकी के बुढ़वल और कैसरगंज में डेढ़-डेढ़ सौ बीघे में यार्ड बनाने का काम भी शुरू कर दिया है। राजमार्ग के बनते ही नेपाल जाने वाले वाहनों की रफ्तार बढ़ेगी और व्यापार को भी नई दिशा मिल सकेगी।

अक्टूबर 2028 में पूरा करने का लक्ष्य
भारतीय राष्ट्रीय राज्य मार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) लखनऊ द्वारा बाराबंकी से बहराइच के बीच बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का काम अक्टूबर 2026 से शुरू करना है और अक्टूबर 2028 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 101.5 किमी. बनने वाले एनएच 927 के उच्चीकरण की स्वीकृति मिलने के बाद एनएचएआइ लखनऊ शाखा द्वारा कागजी प्रकिया को तेज कर दिया गया है। प्रोजेक्ट बड़ा होने के कारण इसे दो हिस्सों में बना जा रहा है।

एनएचएआइ अधिकारियों के मुताबिक पहला पैच बाराबंकी से मुस्ताफाबाद और दूसरा मुस्ताफाबाद से बहराइच के बीच होगा। इसके निर्माण पर 6969 करोड़ खर्च किए जाएंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित लखनऊ राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) का जहां विकास होगा।

परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा के मुताबिक 13 जुलाई को पेड़ों के कटान से जुड़ा एक पत्र मुख्यालय भेजा गया है, उसका जवाब आते ही मौके पर काम भी शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में मिट्टी परीक्षण से जुड़ा काम किया जा रहा है।

बाराबंकी से बहराइच अब सिर्फ 75 मिनट में
नएच-927 में केवल निर्धारित स्थानों से ही वाहन आ जा सकेंगे। सबसे खासबात होगी कि इस आठ लेन के राष्ट्रीय राजमार्ग बन जाने से बाराबंकी से बहराइच के बीच का सफर जो अभी 2.50 घंटे का है। यह मात्र 1.25 घंटे का रह जाएगा।

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