राजनांदगांव.
जिला अस्पताल के एसएनसीयू (नवजात गहन चिकित्सा वार्ड) वार्ड के दो डाक्टरों को लापरवाही बरते जाने पर सिविल सर्जन द्वारा नोटिस जारी किया गया है। अपनी ड्यूटी में इन दोनों डाक्टरों द्वारा उपस्थित नही रहने के मामले सामने आई है। वही हाजिरी रजिस्टर में भी दस्तखत नही करने के आलावा अस्पताल की टाइमिंग में निजी प्रैक्टिस की बात सामने आई है। ड्यूटीरत दोनो डाक्टरों को नोटिस जारी किया गया है।
राज्य शासन द्वारा शिशु मृत्यु दर में कमी लाने कई योजनाएं चला रही है। जिसमें हर साल लाखों रूपए खर्च किए जा रहे है। लेकिन यहां डाक्टर शासन के मुहिम पर पानी फेरते नजर आ रहे है।
जानकारी अनुसार सिविल सर्जन डां महेन्द्र प्रसाद ने इस मामले में डां विक्रम बैद और डां मयंक सुराना को नोटिस जारी किया है। जिसमें उन्होने उल्लेख किया है कि, छग स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा 14 जुलाई 2026 को अस्पताल प्रबंधन गये शिकायत पत्र सौंपा गया हैं। जिसमें एसएनसीयू विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सको के नियमित तौर पर वार्ड में उपस्थित ना रहने, शहर के अलग-अलग निजी अस्पतालो में सेवाये देने तथा स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार करने संबंधी मामले उल्लेखित है।
सरकारी छोड़ निजी प्रैक्टिस कर रहे डाक्टर
जिला चिकित्सालय राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) सीएस द्वारा जारी किए गए नोटिस में साफतौर पर कहा गया है कि, दोनो विशेषज्ञ रोस्टरवार दैनिक रूप से प्रातः 9 से 1 बजे एवं संध्याकालीन 5 से 7 बजे तक जिला चिकित्सालय के 100 बिस्तर मातृ शिशु अस्पताल के एसएनसीयू विभाग उपस्थित रहना सुनिश्चित करेंगे। शासकीय कार्य अवधि में आपके पदस्थापना आदेश के अंतर्गत नियुक्ति शर्तों के बिन्दु कमांक 05 के अनुसार निजी प्रैक्टिस की पात्रता नहीं होगी। जिसका शत्-प्रतिशत पालन करना सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने कहा कि जांच में पता चला कि, विगत दो माह से आप लोगो के द्वारा दैनिक रूप से उक्त पंजी में हस्ताक्षर नहीं किये जा रहे हैं। अतः दैनिक रूप से उपस्थित पंजी में हस्ताक्षर करना सुनिश्चित करेंगे अन्यथा माह जुलाई का वेतन स्थागित किया जावेगा जिसके लिए आप स्वंय जिम्मेदार होगें।
मरीज व स्टाफ से शालीनता बरते निर्देश
ऑनलाईन आधार बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम के रिकार्ड के अनुसार दैनिक रूप से आप लोगो के द्वारा ऑनलाईन उपस्थिति दर्ज नहीं की जा रही है। अतः दैनिक रूप से रोस्टरवार ऑनलाईन उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित करेंगे। शिकायत यह भी रही है कि स्टाफ से डाक्टरों द्वारा दुर्व्यहार भी किया जाता है। जिसे लेकर कहा गया है। कि, ड्यूटी के दौरान वाणी में संयम, व्यवहार में शालीनता एवं स्टाफ के साथ सम्मानजनक व्यवहार रखा जाए और इस तरह के प्रकरणो की भविष्य में पुनरावृत्ति नही किए जाने की चेतावनी दी गई है।
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