बिलासपुर.
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में बारिश का कहर देखने को मिल रहा है, जहां रातभर हुई बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। शहर की सड़कें, निचली बस्ती और कॉलोनियां तालाब बन गई। कई घर तो टापू में तब्दील हो गए, जिसके कारण लोग घर तक छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
बिलासपुर-दोमहानी में बाढ़ का कहर
बिलासपुर-दोमहानी में बाढ़ का कहर देखने को मिला है, जहां 10 से अधिक मकान टापू बन गए और रातभर बाढ़ के पानी में कई परिवार फंसे रहे। इतना ही नहीं छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी पानी के बीच घिर गए और भूख-प्यास से बेहाल हो गए। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण हर पल खतरा भी बढ़ रहा है। सभी लोगों की निगाहें राहत-बचाव की आस में टिकी हुई है।
सरकंडा बंधवापारा इलाके का बुरा हाल
सरकंडा बंधवापारा इलाके में घरों में पानी भर गया, जिसके कारण स्थानीय रहवासी घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया जा रहा है।
निगम के दावे की खुली पोल
बता दें कि इस बार निगम ने दावा किया था कि जलभराव नहीं होगा, लेकिन शहर में जलभराव ने दावे की पोल खोलकर रख दी है। इतना ही नहीं कई इलाकों में बिजली बंद होने से भी लोग हलाकान है।
अरपा चेक डैम टूटने से गांव में घुसा पानी
बिलासपुर में 1993-94 के बाद बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश से अरपा चेक डैम की नहर मानिकपुर के पास टूट गई, जिसके कारण गांव में तेजी से पानी घुस गया और कई घर जलमग्न हो गए। देवरीखुर्द, मानिकपुर समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिसके कारण लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
