कोरबा.
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में वन विभाग ने करीब 8 से 10 लाख रुपये की साल की लकड़ी की अवैध हेराफेरी का बड़ा मामला उजागर किया है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, वहीं अभनपुर स्थित आरा मिल को सील कर लाखों के साल पेड़ को जब्त कर कोरबा डिपो लाया गया है।
जानकारी के अनुसार, सीएसईबी क्षेत्र में स्थित 206 साल के पेड़ों को अनुमति लेकर काटा गया था। नियमानुसार इन पेड़ों की लकड़ी वन विभाग के डिपो में जमा कराई जानी थी, लेकिन ऐसा करने के बजाय लड़की की कटाई करने वाले कोरबा के सुनील गुप्ता ने लकड़ी को अभनपुर स्थित आरा मिल पहुंचा दिया। मामले की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने अभनपुर के आरा मिल में छापेमारी कर करीब 20 घन मीटर साल की लकड़ी बरामद की। जब्त लकड़ी की कीमत 8 से 10 लाख रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान आरा मिल को भी सील कर दिया गया। इस मामले में कोरबा डीएफओ प्रेमलता यादव ने बताया कि डिपो के निरीक्षण के दौरान साल की लकड़ियां गायब मिली थी।
जांच और पूछताछ में पता चला कि सुनील गुप्ता नामक व्यक्ति लकड़ियों को अपने साथ ले गया। इसके बाद तत्काल थाने में शिकायत दर्ज कराई गई और एफआईआर के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई। वन विभाग ने अभनपुर आरा मिल से लकड़ियों को जब्त कर वापस डिपो में सुरक्षित रखवा दिया है। मामले में आरोपी सुनील गुप्ता को गिरफ्तार कर आगे की जांच जारी है। वन विभाग यह भी पता लगा रहा है कि लकड़ी की अवैध निकासी में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
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