SIT के सामने पेश होंगे सुखबीर बादल, CM के ‘जेल जाने की बारी’ बयान के बीच बढ़ी गिरफ्तारी की चर्चा

राज्य

चंडीगढ़

 साल 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़े बहिबलकलां गोलीकांड मामले में पंजाब के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल आज एसआईटी के समक्ष अपने बयान दर्ज करवाएंगे।एसआईटी ने नोटिस जारी करके सुखबीर को चंडीगढ़ में पूछताछ के लिए पेश होने के निर्देश दिए थे। एसआईटी का यह समन श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के बयान के बाद जारी किया गया था। ज्ञानी रघबीर सिंह ने बहिबलकलां गोलीकांड में सुखबीर बादल की कथित भूमिका पर बयान दर्ज कराया था।

इस गोलीकांड में पुलिस गोलीबारी हुई थी जिसमें दो सिख युवकों की मौत हो गई थी। मामले में अभी एक चार्जशीट दाखिल होना बाकी है। इस बार अकाली दल ने स्पष्ट किया है कि सुखबीर बादल सोमवार को एसआईटी टीम से मिलेंगें और उनके सभी सवालों का जवाब देंगे। पार्टी ने साफ किया है कि यह एक राजनीतिक बदलाखोरी की कार्रवाई है क्योंकि अकाली दल अध्यक्ष का बहिबलकलां फायरिंग की घटना से कोई लेना-देना नहीं क्योंकि वह उस समय देश में नहीं थे।

SIT ने 16 जुलाई को उन्हें समन भेजा था। इससे एक दिन पहले ही CM भगवंत मान ने मुकेरियां में एक जनसभा में कहा था कि अब जेल जाने की बारी सुखबीर बादल की है। इससे पहले भाजपा नेता विजय सांपला से भी पूछताछ हो चुकी है।

बेअदबी मामले की जांच में ताजा क्या कार्रवाई हुई…
    क्राइम सीन री-क्रिएशन: जुलाई 2026 की शुरुआत में DIG हरजीत सिंह की अगुवाई वाली नई SIT ने फरीदकोट के बुर्ज जवाहर सिंह वाला, बरगाड़ी और बहबल कलां घटनास्थलों का दौरा कर पूरे घटनाक्रम का री-क्रिएशन किया। टीम ने सबूतों का मिलान किया और बाजाखाना थाने का भी दौरा किया, जहां मामले की केस डायरी और अन्य दस्तावेज सुरक्षित हैं।

    अकाल तख्त के जत्थेदार का बयान: श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने जून 2026 में SIT के सामने अपना बयान दर्ज कराया। यह बयान अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की ओर से दिसंबर 2024 में अकाल तख्त के सामने मांगी गई बिना शर्त माफी के संदर्भ में दर्ज किया गया।

    नेताओं और अफसरों से पूछताछ: जून और जुलाई 2026 के दौरान SIT ने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं भाजपा नेता विजय सांपला, पूर्व OSD गगनदीप सिंह बराड़ और तत्कालीन उपायुक्त मालविंदर सिंह जग्गी से समन जारी कर पूछताछ की। इसके अलावा अकाली दल के नेता मंतार सिंह बराड़ को भी SIT के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखना पड़ा।

2015 के दर्ज मामलों पर टिकी है जांच
यह पूरी कवायद साल 2015 में थाना बाजाखाना में दर्ज दो अलग-अलग मामलों के तहत की जा रही है। ये मुकदमे 14 अक्टूबर 2015 और 21 अक्टूबर 2015 को दर्ज किए गए थे। बेअदबी की घटनाओं और इसके बाद बहबल कलां में हुए गोलीकांड ने पंजाब की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने पर गहरा असर डाला था। अब SIT इन प्रमुख लोगों से आमने-सामने पूछताछ कर मामले की गहराई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

 

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