म प्र सरकार द्वारा सदन में प्रस्तुत समान नागरिक संहिता के खिलाफ मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला कलेक्टर को सोपा।

फर्श से अर्श तक

ग्वालियर 

 भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा राज्य व्यापी आव्हान के तहत मध्य प्रदेश  विधानसभा  सत्र में समान नागरिक संहिता को पास करने प्रस्तुत किया है। जिसके  खिलाफ मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला कलेक्टर ग्वालियर को पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने सोपा।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी म प्र राज्य कार्यकारिणी सदस्य कॉमरेड कौशल शर्मा एडवोकेट ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि समान नागरिक संहिता केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर का विषय है । मध्य प्रदेश में "समान नागरिक संहिता "का प्रस्ताव सरकार द्वारा अपने  राजनीतिक हित की पूर्ति के लिए प्रेरित प्रतीत होता है। प्रदेश में गरीबी , महंगाई , बेरोजगारी , कुपोषण, किसानों को खाद की आपूर्ति नहीं की जा रही, कर्ज में डूबा है, आम जनता की हालत खस्ता है,आर्थिक स्थिति से ग्रस्त है। मध्य प्रदेश में  "समान नागरिक संहिता" अनावश्यक , विसंगत और अंतर्विरोधों से ग्रस्त है। 

भारत का सामाजिक , सांस्कृतिक परिदृश्य बहुआयामी , विविधताओं से युक्त है, यह भारत की विशेषता है। इस विशेषता से ही भारत ने  सारी दुनिया में गरिमा और विशिष्ट पहचान अर्जित की है। इस बहुआयामी विविधताओं की रक्षा करना प्रत्येक देश भक्त नागरिक का  दायित्व है। इस दायित्व का निर्वहन मध्य प्रदेश सरकार को भी करना चाहिए।

मध्य प्रदेश में भाजपा  सरकार "समान नागरिक संहिता " लागू करके अल्प संख्यकों विशेषकर मुसलमानों को प्रताड़ित और अपमानित करना चाहती है। यह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का एजेंडा है जिसके तहत अल्प संख्यकों को प्रताड़ित कर हिन्दू जनता का सांप्रदायिक आधार पर ध्रुवीकरण किया जा सके। "समान नागरिक संहिता " का प्रस्ताव अधकचरा  और अनावश्यक है। इससे सांप्रदायिक तनाव और कटुता बढ़ेगी ।

मध्य प्रदेश सरकार का यह प्रचार भ्रामक और अनुचित है कि " समान नागरिक संहिता "का प्रारूप  व्यापक जन परामर्श  के बाद तैयार किया गया। सरकार ने अपने लिए सुविधाजनक जनपरामर्श का तामझाम करके प्रारूप तैयार किया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मांग की थी कि " समान नागरिक संहिता " के प्रस्ताव का प्रारूप विज्ञापन के रूप में मुख्य समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाए और मध्य प्रदेश में सक्रिय समस्त राजनीतिक दलों की बैठक जिला और राज्य स्तर पर आयोजित की जाए । लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की मांगों को अनदेखा कर अपनी मनमर्जी का प्रारूप मध्य प्रदेश की जनता पर थोप दिया है। यह अनुचित और अमानवीय है। इससे जनता में निराशा और आक्रोश व्याप्त है।  

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को सांबोधित ज्ञापन पत्र के माध्यम से मांग की है कि व्यापक जनहित में एवं मानवीय आधारपर  अनावश्यक  " समान नागरिक संहिता  " लागू नहीं की जाए। मध्य प्रदेश सरकार को सबसे पहले " समान आर्थिक संहिता " लागू करना चाहिए।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला ग्वालियर द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री यादव को संबोधित ज्ञापन कलेक्टर ग्वालियर को पार्टी के प्रतिनिधि मंडल कॉमरेड कौशल शर्मा एडवोकेट, कॉमरेड अशोक पाठक , कॉमरेड रविंद्र सरवटे एडवोकेट, कॉमरेड अनवर खान, कॉमरेड रमेश सविता,कॉमरेड आनंद ठाकुर, कॉमरेड जालिम सिंह, कॉमरेड भूपेश पलरिया, कॉमरेड विनोद कुमार वर्मा, कॉमरेड सुरेंद्र सविता ने सोपा। 

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry