जगदलपुर.
श्रीगोंचा महापर्व में जनकपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर भक्तिभाव से सराबोर नजर आया. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को पारंपरिक छप्पन भोग अर्पित किया गया. 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज ने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना और महाआरती संपन्न कराई.
फल, मिष्ठान और विभिन्न व्यंजनों सहित 56 प्रकार के भोग भगवान को समर्पित किए गए. पूजा के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धार्मिक आयोजन में भागीदारी निभाई. छप्पन भोग की परंपरा को भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला और सात दिनों के उपवास से जोड़ा जाता है. महापर्व के अमनिया कार्यक्रम में प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों के श्रद्धालु भोग अर्पित कर रहे हैं. बनियागांव और जैबेल क्षेत्र के 10 गांवों के ग्रामीणों ने भी सामूहिक रूप से भगवान को भोग लगाया.
दोपहर से शाम तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं. यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का भी प्रतीक बन गया. श्रीगोंचा महापर्व में हर दिन अलग-अलग समाज और गांवों की भागीदारी उत्सव को नई पहचान दे रही है. भक्ति, परंपरा और जनसहभागिता का यह संगम पूरे बस्तर में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
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