बड़वानी.
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने राजपुर महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय के आकस्मिक निरीक्षण में पाई गई गंभीर अनियमितताओं को लेकर परियोजना अधिकारी अर्चना तोमर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।
जारी नोटिस के अनुसार 17 जुलाई 2026 को जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा राजपुर परियोजना कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान परियोजना अधिकारी सहित अधिकांश अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यालय समय में अनुपस्थित पाए गए। केवल एक कर्मचारी ही कार्यालय में उपस्थित मिला। कार्यालय का निर्धारित समय प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे तक होने के बावजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अनुपस्थिति को शासन के निर्देशों की अवहेलना तथा कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही माना गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने नोटिस में उल्लेख किया है कि यह आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 एवं अन्य लागू सेवा नियमों के विपरीत है। संबंधित अधिकारी से पूछा गया है कि कार्य दिवस पर अनुपस्थित रहने के कारण उनका एक दिन का वेतन "कार्य नहीं तो वेतन नहीं" के सिद्धांत के आधार पर क्यों न काटा जाए तथा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
परियोजना अधिकारी को नोटिस प्राप्त होने के तीन दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होने अथवा उत्तर प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रकरण वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र ठक्कर ने मांग की है कि दोषी परियोजना अधिकारी के विरूद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाये, जिससे जनता के द्वारा दिये गये कर से वेतन प्राप्त करने वाले लापरवाह अधिकारियो को सबक मिल सके और जनता को भी समय पर सेवाएँ प्राप्त हो सके।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
