चंडीगढ़ के औद्योगिक विकास को बड़ा बूस्ट! FAR बढ़ाने पर जल्द फैसला, केंद्र से मंजूरी की उम्मीद

राज्य

 चंडीगढ़
 केंद्र सरकार जल्द ही पंचकूला और मोहाली की तर्ज पर शहर के उद्योगपतियों को बड़ी राहत देने जा रही है। प्रशासन की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे गए औद्योगिक सुधार संबंधी प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है। इस मामले को लेकर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया खुद गृह मंत्रालय के संपर्क में हैं।

प्रशासक ने उद्योगपतियों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस प्रस्ताव की मंजूरी गृह मंत्रालय से मिलने वाली है। प्रस्ताव के तहत इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) 0.75 से बढ़ाकर 2 और फेज-3 में 2.50 करने का प्रविधान है । इसके अलावा कुछ अतिरिक्त कमर्शियल गतिविधियों की अनुमति भी दी जाएगी।

इसके साथ ही सर्विस से जुड़े कारोबार करने की भी मंजूरी दी जाएगी। सेंट्रल कोर्टयार्ड की अनिवार्यता समाप्त कर आगे और पीछे सेटबैक का प्रावधान करने की भी सिफारिश की गई है। इससे उद्योगपतियों को अतिरिक्त निर्माण क्षेत्र मिलेगा, कारोबार का विस्तार होगा, नए निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

प्रशासन के अनुसार अगले महीने केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद फाइल आ जाएगी इसके बाद फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने का शुल्क तय किया जाएगा ।शुल्क तय करने के लिए अलग से कमेटी का गठन तय किया जाएगा । इससे प्लाट का कवर एरिया बढ़ जाएगा और उद्योगपति को काम करने के लिए ज्यादा एरिया मिल जाएगा ।उद्योगपतियो को राहत देने के साथ ही प्रशासन का भी राजस्व बढ़ेगा ।

संसद में भी उठ चुका है मामला
उद्योगपतियों के प्लाॅट्स के एफएआर का मामले पर सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में सवाल पूछे थे। प्रशासक के निर्देश पर ही एफएआर बढ़ाने की कमेटी गठित की गई थी।

कमेटी ने ही इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में एफएआर का एरिया 0.75 से बढ़ाकर 2 करने की सिफारिश की थी। उद्योगपतियों के प्लाॅट्स के एफएआर का मामले पर सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में सवाल पूछे थे। कमेटी ने उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों से बात करके राहत देने वाली रिपोर्ट तैयार की है।

फैक्ट्री आउटलेट की भी मिलेगी मंजूरी
इसके साथ ही उद्योगपतियों को फैक्ट्री आउटलेट खोलने की मंजूरी मिलने वाली है ।इसके साथ ही लोकल टू वोकल को प्रमोट करने के लिए भी उद्योगपतियों को राहत दी जाएगी। इस समय औद्योगिक क्षेत्र में ट्राईसिटी की सबसे बड़ी फर्नीचर मार्केट है। प्रशासन को पूरे शहर में सबसे ज्यादा जीएसटी से राजस्व भी इंडस्ट्री एरिया से आता है।

एफएआर का एरिया बढ़ने से इससे जो उद्योगपतियों के खिलाफ मिसयूज और वायलेशन के नोटिस लंबित है वह भी खत्म हो जाएंगे। मालूम हो कि प्रशासक की ओर से जो 11 सदस्य अधिकारियों की कमेटी गठित की थी, जिसकी रिपोर्ट पर राहत दी जा रही है।

फेज-3 के प्लाॅट्स की होगी नीलामी
प्रशासन की ओर से इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 में नए प्लाॅट खरीदने के लिए ई नीलामी भी शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रशासन के अनुसार फ्लोर एरिया रेशो बढ़ने से जो प्लाॅट इस समय बिक भी नहीं रहे हैं वह भी नीलाम हो जाएंगे। इस समय प्रशासन का पूरा फोकस को फेज-3 को विकसित करने पर है।

औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 और फेज-2 में 5 मरला से लेकर बड़े प्लाॅट्स तक मौजूद हैं। फेज-2 में 95 प्रतिशत प्लाॅट एक कनाल तक के हैं, जबकि फेज-1 में यह संख्या करीब 35 प्रतिशत है। लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अवि भसीन का कहना है कि प्रशासक ने आश्वासन दिया है कि एफएआर बढ़ेगा।

इसके साथ ही लोकल टू वोकल कारोबार को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मंजूरी मिलने से इससे शहर की इंडस्ट्री को बूस्ट मिलेगा। यह राहत मिलने से जो पंचकूला और मोहाली जो इंडस्ट्री शिफ्ट हो रही है वह बंद हो जाएगी ।

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