शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग में बिहार सरकार ने लिए कई बड़े फैसले

राज्य

पटना
 बिहार में संसाधनों की कमी के बीच बुलंद इमारत खड़ी करने की जद्दोजहद में सम्राट सरकार ने बड़े-बड़े फैसले किये हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, आधारभूत संरचना सहित जनसरोकार से जुड़े क्षेत्रों में बेहद तेजगति से निर्णय लिए गए हैं। इन फैसलों में संकल्प, सक्रियता और समाधान की स्पष्ट झलक दिखी।

नीतीश कुमार ने बिहार के समग्र विकास की जो बुनियाद रखी थी, उसे आगे बढ़ाते हुए सम्राट सरकार ने महज 100 दिनों में विकास की अपनी आधारशिला रखी है। हालांकि ताबड़तोड़ फैसलों के परिणाम आने अभी बाकी हैं, लेकिन सरकार पर लोगों का भरोसा बढ़ा है और आगे विकास की उम्मीदें भी जगी हैं।

इन सौ दिनों में कानून व्यवस्था, सुशासन, प्रशासनिक सख्ती, जनसेवा की तेज रफ्तार और विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने, पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी व रोजगार देने के वायदे को पूरा करना, औद्योगिक विकास और निवेश, भू अधिग्रहण, शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना, रोजगार सृजन और वायदों की पूर्ति जैसी चुनौतियां सामने खड़ी हैं। सबसे बड़ी दिक्कत जमीन अधिग्रहण को लेकर है, जिससे सड़क, औद्योगिक और शहरी परियोजनाओं की गति प्रभावित हो सकती है। सुशासन के लिए तंत्र को चुस्त, दुरुस्त और जिम्मेदार बनाने के प्रयास हुए।

अहम फैसले लिये
15 जून को गयाजी में सम्राट ने अफसरों को दो टूक कहा कि हर दिन 20 घंटे काम करने की जरूरत है। ना खाना है, न खाने देना है। न सोना है न सोने देना है। तभी, बिहार को विकसित और समृद्ध राज्य बना सकते हैं। लोगों की समस्याओं और शिकायतों के निष्पादन के लिए सहयोग शिविर की शुरुआत 19 मई को हुई। इसके जरिये अधिकतम 30 दिनों में लोगों को उचित लाभ दिलाना है। सहयोग शिविर में छह लाख आवेदन मिले। इनमें साढ़े पांच लाख से अधिक का निष्पादन कर दिया गया है।

मेन प्वाइंट्स
● राज्य में 12 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित

● 15 अगस्त से मरीजों को चिकित्सक नहीं करेंगे रेफर

● 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग लोगों को घर पर ही निबंधन

● 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को घरों में पहुंचेगा अनाज

● महिलाओं द्वारा चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एक लाख का प्रोत्साहन

● विधायकों और सरकारी कर्मियों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा

● हेलीकॉप्टर से हवाई पर्यटन की शुरुआत, पटना का 2100 रुपये में भ्रमण

● भागलपुर में एआई और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना

● मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय

● बेगूसराय में दिनकर सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना होगी

● विधायकों और सरकारी कर्मियों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा

● वाराणसी की तर्ज पर बनेगा बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर, 680 करोड़ की योजना

मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेजों की बड़ी सौगात
राज्य में 551 मॉडल स्कूल और 211 नए डिग्री कॉलेज खोलने की पहल की गई है। इनमें संसाधन और शिक्षक की व्यवस्था अभी बाकी है। पेपर लीक माफिया पर शिकंजा कसने के लिए कानून बनाया जा रहा है। वर्षों से नासूर बने शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया प्रारंभ हो गयी है।

सभी जिलों में मॉडल अस्पताल
सभी जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने और आईसीयू की स्थापना का बड़ा फैसला किया गया है। इसके साथ ही पास के अस्पतालों में इलाज की समुचित व्य्वस्था और रेफर करने पर पूर्ण विराम लगाने का निर्णय भी काफी अहम है।

उद्योग पर जोर
विकसित बिहार बनाने के लिए मुख्यमंत्री का जोर उद्योग लगाने पर है। उन्होंने साफ कहा है कि ऐसा बिहार बनाना चाहते हैं कि पांच सालों में उद्योग के लिए यह राज्य जाना जाएगा। उद्योग लगाने से संबंधित किसी भी आवेदन पर अधिकतम 30 दिनों में स्वीकृति की व्यवस्था लागू की गई है।

12 नई टाउनशीप, आधा दर्जन हवाई अड्डे
सरकार ने 12 नई टाउनशिप विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया है। सड़क, पुल और राज्य राजमार्गों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया है। कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और कृषि आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा देने जैसी योजनाएं भी सामने आई हैं। लगभग आधा दर्जन हवाई अड्डों के निर्माण की भी पहल की गयी है।

समय पर पेंशन
पेंशन भुगतान को नियमित करना सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। करीब 98 लाख लोगों को समय पर पेंशन मिल रही है। यह कदम खासकर बुजुर्गों, विधवाओं और सामाजिक सुरक्षा पर निर्भर वर्गों के लिए राहतकारी बताया जा रहा है। सरकार इसे सेवा-डिलीवरी में सुधार का बड़ा उदाहरण मान रही है।

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