27 जुलाई से वक्री होंगे शनि, साढ़ेसाती वालों को बरतनी होगी विशेष सावधानी

राशिफल

जब न्याय के देवता शनि वक्री यानी उल्टी चाल चलते हैं, तो उनके प्रभाव की तीव्रता काफी बढ़ जाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 27 जुलाई को शनि मीन राशि में वक्री चाल चलने वाले हैं. शनि की साढ़ेसाती झेल रहे जातकों के लिए वक्री शनि का समय आत्ममंथन, पेंडिंग कामों को पूरा करने और अत्यधिक सावधानी बरतने का होता है. इस समय मेष, मीन और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है. साढ़ेसाती की अलग-अलग ढैय्या और चरणों के आधार पर इन तीनों राशियों पर वक्री शनि का प्रभाव निम्नलिखित रहेगा.

मेष राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण
मेष राशि वालों पर साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है. वक्री काल के दौरान शनिदेव आपके व्यय और मानसिक स्थिति पर असर डालेंगे. अनचाहे और अचानक खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है. निर्णय लेने में भ्रम या जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है. काम के सिलसिले में बेफिजूल की दौड़-भाग बनी रह सकती है.

सावधानी- पैसों का बड़ा लेन-देन या निवेश बिना पूरी जांच-पड़ताल के न करें. सेहत और खान-पान का विशेष ध्यान रखें.

कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का आखिरी चरण
कुंभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है. उतरती साढ़ेसाती में वक्री शनि पिछले किए गए कर्मों का हिसाब-किताब चुकता कराते हैं. आर्थिक स्थिति में थोड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है, हालांकि पुराने अटके काम पूरे होने की संभावना बनेगी. संपत्ति या पैसों के लेन-देन को लेकर सजग रहना होगा.

सावधानी- किसी को भी बिना लिखित दस्तावेज़ के उधार या कर्ज न दें. अपनी दिनचर्या अनुशासित रखें और स्वास्थ्य की अनदेखी न करें.

मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण
शनिदेव वर्तमान में मीन राशि में ही विराजमान हैं, इसलिए वक्री चाल का सबसे गहरा और सीधा असर मीन राशि पर ही देखने को मिलता है. कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां और मानसिक दबाव बढ़ सकता है. जो काम आसानी से हो रहे थे, उनमें कुछ समय के लिए रुकावट या देरी आ सकती है. पुरानी समस्याएं या छूटे हुए कर्म दोबारा सामने आ सकते हैं.

सावधानी- दफ़्तर या व्यवसाय में किसी कागजी काम को अधूरा न छोड़ें. गुस्से और वाणी पर नियंत्रण रखें, पारिवारिक जीवन में बहस से बचें.

साढ़ेसाती वालों के लिए वक्री शनि के दौरान मुख्य सावधानियां

शॉर्टकट से बचें
काम या पैसे के मामले में गलत रास्ते या शॉर्टकट अपनाने पर शनि का कड़ा दंड मिल सकता है.  

कर्मचारियों का अनादर न करें
अपने नीचे काम करने वाले लोगों, मजदूरों और बुजुर्गों का पूरा सम्मान करें.

अधूरे काम निपटाएं
पुराने पेंडिंग पड़े कामों, टैक्स या कानूनी कागजातों को समय पर पूरा करें.

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