रांची
झारखंड विधानसभा के अगले माह आयोजित होनेवाले मानसून सत्र में विपक्ष खासकर भाजपा को राज्य सरकार को घेरने का बड़ा मुद्दा मिल गया है। विपक्ष झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर होने का पूरा प्रयास करेगा।
वहीं, विपक्ष इसका जवाब नीट पेपर लीक के रूप में केंद्र सरकार को घेरकर देगा। सत्ता पक्ष यह भी बताने का प्रयास करेगा कि उसकी सरकार जेपीएससी मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी जांच सीआइडी से करा रही है।
साथ ही मामले में तत्कालीन प्रभारी परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के अलावा एजेंसी टीडीपीएल के पदाधिकारियों और कर्मियों की गिरफ्तारी तथा जेपीएससी के अध्यक्ष पद से एल खियांग्ते के इस्तीफा को सरकार के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस का उदाहरण बता सकता है। दोनों ओर से इसकी तैयारी शुरू हो गई है।
छोटा कार्यकाल, बड़े मुद्दे
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र छह अगस्त से शुरू होने वाला है। इस बार पांच दिनों का कार्य दिवस होगा। 12 अगस्त तक चलने वाले सत्र के दौरान विपक्ष सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा के बाहर तथा बाद में सदन के भीतर जेपीएससी के मुद्दे को उठाने के अवसर को पूरा भुनाने का प्रयास करेगा।
यह लगभग तय है कि इस बार प्रश्नकाल विपक्ष की हंगामे का भेंट चढ़ने वाला है। विपक्ष जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में अनियमितता सामने आने तथा मामले की सीआइडी की जांच शुरू होने के बाद से ही लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है।
फिलहाल, इसका कमान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू तथा पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास संभाल रहे हैं। भाजपा के साथ-साथ आजसू पार्टी भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रही है। दूसरी तरफ, जदयू इस मामले पर अभी तक चुप है।इसके विधायक सरयू राय का अभी इसपर कोई बयान नहीं आया है।
सत्ता पक्ष की बात करें तो कांग्रेस नेट पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा पर लगातार निशाना साध रहा है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव भी किया। हालांकि इस पार्टी को इसमें अभी तक झामुमो और राजद का कोई खास साथ नहीं मिला है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
