Punjab Bandh: जालंधर के 4 स्कूलों में अवकाश, वाल्मीकि समाज का प्रदर्शन; लुधियाना और अमृतसर में बंद का सीमित असर

राज्य

जालंधर 

बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज ने आज पंजाब बंद का आह्वान किया है। इसका असर जालंधर में भी दिखाई दिया। बंद को देखते हुए एमजीएन स्कूल, सेठ हुक्म चंद स्कूल, इनोसेंट हार्ट स्कूल और शिव ज्योति स्कूल ने छुट्टी घोषित कर दी है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कई स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं। बाजारों और परिवहन पर भी असर देखने को मिला। वाल्मीकि समाज के विभिन्न संगठनों ने आम जनता, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और सभी वर्गों से बंद का समर्थन करने और उनके आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। बंद के दौरान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, अब तक किसी प्रमुख व्यापारिक संगठन या एसोसिएशन ने आधिकारिक रूप से बंद के समर्थन की पुष्टि नहीं की है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों पर पुलिस फोर्स देना की गई है ताकि लोगों को आवाजाही परेशानी ना हो।

एमजीएन स्कूल, सेठ हुक्म चंद स्कूल, इनोसेंट हार्ट स्कूल और शिव ज्योति स्कूल ने सोमवार को छुट्टी की घोषणा की है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। वहीं ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रखी जा रही है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

बंद के आह्वान का असर बाजारों और सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ने की संभावना है। वाल्मीकि समाज के विभिन्न संगठनों ने व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। बंद के दौरान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और परिवहन सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं।

हालांकि, अब तक किसी प्रमुख व्यापारिक संगठन या व्यापारी एसोसिएशन ने आधिकारिक रूप से बंद को समर्थन देने की घोषणा नहीं की है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से बचने की अपील की है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जालंधर के प्रमुख बाजारों, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों की आवाजाही सुचारु बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

वाल्मीकि समाज की 2 मुख्य मांगें
    वाल्मीकि समाज के नेताओं का कहना है कि बरनाला की घटना के बाद से ही पूरे समुदाय में गहरा आक्रोश और नाराजगी है। समाज ने पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन के समक्ष पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाने की मांग की।

    इसके अलावा उनकी मांग है कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, और पीड़ित सफाई कर्मचारियों को बिना किसी देरी के इंसाफ दिलाया जाए।

शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन की अपील
पंजाब बंद के मद्देनजर राज्य के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शनों और शांतिपूर्ण रैलियों की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रदर्शन के आयोजकों ने सभी समर्थकों और आम जनता से अपील की है कि आंदोलन के दौरान पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीका अपनाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन का मकसद अपनी आवाज उठाना है, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और आम जनता को अनावश्यक परेशानी न होने दें।

वाल्मीकि समाज के विभिन्न संगठनों ने आम जनता, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और सभी वर्गों से बंद का समर्थन करने और उनके आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। 

बंद के दौरान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, अब तक किसी प्रमुख व्यापारिक संगठन या एसोसिएशन ने आधिकारिक रूप से बंद के समर्थन की पुष्टि नहीं की है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों पर पुलिस फोर्स देना की गई है ताकि लोगों को आवाजाही परेशानी ना हो।

बरनाला में क्या हुआ था, जानिए…

    विवाद की वजह: सफाई कर्मचारी पक्की नौकरी, वेतन वृद्धि और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने जैसी मांगों को लेकर 8 जुलाई से हड़ताल पर थे। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद 22 जुलाई को जब बरनाला नगर निगम और जिला प्रशासन ने पुलिस सुरक्षा में शहर से कूड़ा हटाने का अभियान शुरू किया, तो हड़ताली सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई।

    पुलिस का लाठीचार्ज: इस झड़प के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए कथित तौर पर लाठीचार्ज और अत्यधिक बल प्रयोग किया। सोशल मीडिया पर इसके वीडियो वायरल हुए, जिसमें महिला सफाई कर्मचारियों के साथ भी मारपीट और बदसलूकी की बात सामने आई।

    सरकार का एक्शन: चौतरफा राजनीतिक आलोचना और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) तथा एससी कमीशन के दखल के बाद, पंजाब के डीजीपी ने पटियाला रेंज से रिपोर्ट मिलने पर डीएसपी सतवीर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए।

    राजनीतिक विरोध हुआ: भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD) जैसी विपक्षी पार्टियों ने इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरा है। नेताओं का आरोप है कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की जायज मांगें सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसा रही है। इस लाठीचार्ज की घटना के विरोध में पंजाब के कई अन्य शहरों में भी सफाई संगठनों में रोष है और वे दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (FIR) की मांग कर रहे हैं।

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry