दिव्यांग-अनुकूल अधोसंरचना का भी किया अध्ययन

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल 

नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त तथा मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड प्रबंध संचालक  संकेत भोंडवे की पहल पर राज्य के चालीस सदस्यीय अभियंताओं के दल ने नागपुर स्थित राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) में एक दिवसीय प्राप्त किया।

'कैपेसिटी बिल्डिंग इन द फील्ड ऑफ सीवरेज ट्रीटमेंट टेक्नोलॉजी फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट' विषय पर आयोजित प्रशिक्षण का मुख्य ध्येय राज्य के तकनीकी अधिकारियों को तरल अपशिष्ट प्रबंधन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों से सुसज्जित करना है।

प्रशिक्षण सत्र में अभियंताओं को घरेलू प्रणालियों में अपशिष्ट जल के सुचारू प्रबंधन तथा त्रुटिरहित 'डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट' (डीपीआर) तैयार करने की प्राविधिक बारीकियों से अवगत कराया गया। साथ ही लुप्तप्राय झीलों एवं प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनश्चिह्नांकन तथा वर्तमान जल निकायों के वैज्ञानिक संरक्षण एवं संवर्धन की कार्यप्रणाली साझा की गई। मैदानी कार्यों की सुगमता एवं सटीकता बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित आधुनिक सॉफ्टवेयर के व्यावहारिक संचालन का भी प्रशिक्षण अधिकारियों को प्रदान किया गया।

प्रशिक्षणार्थियों के व्यावहारिक ज्ञानवर्धन के लिए दल को अंबाझिरी स्थित 3.2 एमएलडी क्षमता के 'इको सीडब्ल्यू' मल-जल शोधन संयंत्र का स्थल भ्रमण कराया गया। किफायती वेटलैंड तकनीक पर आधारित इस संयंत्र के माध्यम से अभियंताओं ने कम लागत में पर्यावरण-अनुकूल एवं प्रभावी सीवरेज ट्रीटमेंट की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से समझा।

शहरी विकास को समावेशी एवं सुगम्य बनाने के दृष्टिकोण से दल को नागपुर स्थित दिव्यांग पार्क का विशेष अध्ययन भ्रमण भी कराया गया, जिससे मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में दिव्यांगजनों की सहूलियत के लिए सुगम्य एवं उन्नत अधोसंरचना का विकास किया जा सके।

इस संपूर्ण आयोजन में कंपनी के प्रमुख अभियंता  आनंद सिंह, मुख्य अभियंता  शैलेंद्र शुक्ला, प्रोजेक्ट ऑफिसर  सुबोध जैन सहित विभिन्न जिलों के परियोजना प्रबंधक एवं मैदानी अभियंता शामिल रहे।

 

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