अमृतसर
अमृतसर में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय का पता करीब 16 वर्ष बाद एक बार फिर बदलने जा रहा है। मौजूदा जर्जर भवन से राहत दिलाने के लिए विभाग ने कार्यालय को बस अड्डे के समीप स्थित रेडक्रास भवन परिसर में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही कार्यालय को नई जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा।
हालांकि इस फैसले से कर्मचारियों और आम लोगों को असुरक्षित भवन से राहत मिलेगी, लेकिन ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और मोटर वाहन निरीक्षक कार्यालय से दूरी बढ़ने के कारण लोगों की परेशानियां भी बढ़ सकती हैं।
सूत्रों के अनुसार, स्थानांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अब केवल मुख्यालय की स्वीकृति का इंतजार है। मंजूरी मिलते ही विभाग बिना देरी किए कार्यालय को नई जगह स्थानांतरित कर देगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को टेलर रोड से ग्वालमंडी स्थानांतरित किया गया था। अब करीब 16 वर्ष बाद इसे फिर से नए पते पर ले जाने की तैयारी चल रही है।
तीन किलोमीटर की बढ़ेगी अतिरिक्त दूरी
मौजूदा समय में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और मोटर वाहन निरीक्षक कार्यालय की दूरी करीब एक से डेढ़ किलोमीटर है। किसी भी दस्तावेज की जांच, वाहन पासिंग या अन्य औपचारिकताओं के लिए आवेदक आसानी से कुछ मिनटों में दोनों कार्यालयों के बीच पहुंच जाते हैं।
नई जगह कार्यालय शिफ्ट होने के बाद यह दूरी बढ़कर करीब तीन किलोमीटर हो जाएगी। इससे ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, वाहन पासिंग और अन्य परिवहन संबंधी कार्य करवाने आने वाले लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। समय के साथ ईंधन की खपत भी बढ़ेगी।
बस अड्डे के आसपास अक्सर यातायात का दबाव बना रहता है। ऐसे में लोगों को दस्तावेजी कार्यों के लिए आने-जाने में अधिक समय लग सकता है। यही परेशानी विभागीय कर्मचारियों के सामने भी आएगी, जिन्हें दिनभर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय और मोटर वाहन निरीक्षक कार्यालय के बीच कई बार आना-जाना पड़ सकता है।
दुकानदारों की भी बढ़ी चिंता
ग्वालमंडी चौक के आसपास वर्षों से ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी और अन्य परिवहन संबंधी दस्तावेज तैयार करने का कार्य करने वाले दुकानदारों की चिंता भी बढ़ गई है। उनका मानना है कि कार्यालय स्थानांतरित होने के बाद ग्राहकों की संख्या कम हो सकती है, जिससे उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा।
कार्यालय को स्थानांतरित करने का सबसे बड़ा कारण वर्तमान भवन की खराब स्थिति है। हाल ही में हुई तेज बारिश के दौरान कार्यालय की फॉल्स सीलिंग का एक हिस्सा गिर गया था, जिससे एक कंप्यूटर क्षतिग्रस्त हो गया। संयोग से उस समय कमरे में कोई कर्मचारी या आवेदक मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
मंजूरी मिलते ही होगी शिफ्टिंग
इस घटना के बाद कर्मचारियों में भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। विभाग ने भवन की स्थिति का आकलन करने के बाद मुख्यालय को स्थानांतरण का प्रस्ताव भेज दिया। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी हितेशवीर गुप्ता ने बताया कि वर्तमान कार्यालय भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए मुख्यालय को स्थानांतरण का प्रस्ताव भेजा गया है।
जैसे ही मंजूरी मिलेगी, बिना किसी देरी के कार्यालय को नई जगह स्थानांतरित कर दिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, हालांकि नई व्यवस्था में लोगों की सुविधा को लेकर भी आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
