श्रावणी मेले से पहले सड़कें चमकेंगी, सरकार ने तेज किए मरम्मत कार्य

राज्य

रांची
 राज्य सरकार ने राज्य की लगभग 10 हजार किमी सड़कों को दुरुस्त करने का निर्णय किया है। यह राज्य की कुल सड़कों की दो तिहाई है। इन सड़कों की मरम्मति, पुनर्निर्माण और रखरखाव पर 1,153 करेाड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें 3,218 किमी सड़कों का पुनर्निर्माण होगा, जबकि 6,736 किमी सड़कों की राइडिंग क्वालिटी में सुधार होगा।

पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने इस योजना को लेकर हुई बैठक में अधिकारियों को कई निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया एवं अन्य माध्यमों से सड़कों की मरम्मति में लापरवाही की खबरें आ रही हैं, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है।

उन्होंने कहा कि गड्ढों की मरम्मति के नाम पर सिर्फ बिटुमिनस सामग्री भरकर काम चलाना गलत है। बिना उचित कटिंग, स्क्वायरिंग और कंपैक्शन के किया गया यह पैच वर्क अस्थायी होता है और जल्दी ही टूट जाता है। प्रधान सचिव ने सख्त निर्देश दिए कि गड्ढों की मरम्मति आइआरसी (भारतीय सड़क कांग्रेस) के मानकों के अनुसार ही हो।

यदि किसी सड़क पर गड्ढे अधिक हैं तो अलग-अलग पैच वर्क की बजाय पूरी प्रभावित लंबाई (जैसे 100 मीटर या 200 मीटर) पर बिटुमिनस ओवरले (डामर की नई परत) चढ़ाया जाए, ताकि सड़क की मजबूती बनी रहे। इसके साथ ही मरम्मति के बाद रोड मार्किंग और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाना भी अनिवार्य होगा।

सड़कों को खराब करने वाली अन्य एजेंसियों पर भी सख्ती
प्रधान सचिव ने बिजली, पानी, सीवरेज जैसी भूमिगत उपयोगिताओं को बिछाने वाली एजेंसियों, खासकर जुडको (जुडको) पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ये एजेंसियां सड़कें खोदकर पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की सतह को निर्धारित मानकों के अनुसार ठीक नहीं करती हैं, जिससे सड़क पर उतार-चढ़ाव और जलजमाव होता है

विशेष रूप से रांची के एलपीएन शाहदेव चौक-बूटी मोड़, नामकुम-डोरंडा और करमटोली-ओरमांडी सड़कों की स्थिति पर चिंता जताई गई। उन्होंने बरसात के मौसम में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर गंभीर नाराजगी जताई है।

उन्होंने अफसरों और ठेकेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और सड़कों की मरम्मत के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में विभागीय अधिकारियों को पांच साल में सड़कों की मरम्मत और मजबूती के लिए 1153 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मिलने की भी जानकारी दी गई।

कहा कि अखबारों और अन्य माध्यमों से सड़कों की खस्ताहाली और मरम्मत में लापरवाही की खबरें आ रही हैं, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है। इसके साथ ही मरम्मत के बाद रोड मार्किंग और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाना भी अनिवार्य होगा।

श्रावणी मेले की तैयारियाें को लेकर योजनाओं को मंजूरी
आगामी श्रावणी मेले को देखते हुए सड़कों की मरम्मत के लिए 27.63 करोड़ रुपये की अतिरिक्त योजनाओं को मंजूरी दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी कार्य मेला शुरू होने से एक सप्ताह पहले पूरे कर लिए जाएं और सुरक्षा के लिहाज से रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड, कैटआई और डिलिनिएटर जरूर लगाए जाएं।

प्रधान सचिव ने डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के दौरान सड़कों में आई खामियों को ठीक न करने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और उनकी जमानत राशि से मरम्मत का खर्च वसूला जाए।

पिछले पांच वर्षों में पुल-पुलियों के रखरखाव के लिए स्वीकृ़त राशि
2022-23: 250.00 करोड़ रु.
2023-24: 195.38 करोड़ रु.
2024-25: 202.40 करोड़ रु.
2025-26: 245.77 करोड़ रु
2026-27: 259.51 करोड़ रु.

 

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