जनगणना-2027 को लेकर केंद्र सख्त, जिलों को तय समय में काम पूरा करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ
जनगणना-2027 को समय पर पूरा कराने के लिए तैयारियां चल रहीं हैं।। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के लिए नई समय-सीमा तय कर दी है। जनगणना कर्मियों का मानदेय 31 जुलाई तक देने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही जिला जनगणना पुस्तिका (डीसीएचबी) के लिए आंकड़े जुटाने, विशेष और वन चार्ज की सूची तैयार करने तथा मास्टर व फील्ड ट्रेनरों के नामांकन सहित सभी जरूरी काम अगस्त के तीसरे सप्ताह तक पूरे करने को कहा गया है।

प्रदेश में जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक चला था। इस दौरान मकानों की गणना की गई। जनगणना का दूसरा और अंतिम चरण अगले वर्ष फरवरी में शुरू होगा, जिसमें जातिगत और व्यक्तिगत गणना की जाएगी। प्रदेश में पहले चरण के लिए करीब पांच लाख जनगणना कर्मी लगाए गए थे।

दो चरणों की जनगणना के लिए प्रत्येक कर्मी को 25 हजार रुपये मानदेय दिया जाना तय है। इसमें पहले चरण के लिए नौ हजार रुपये का भुगतान किया जाना है।

निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनगणना कर्मियों के मानदेय और अन्य देयकों का भुगतान 31 जुलाई तक हर हाल में पूरा किया जाएगा। इसके अलावा डीसीएचबी के लिए नगर और ग्राम निर्देशिका से संबंधित आंकड़ों का फील्ड सर्वे 15 अगस्त तक पूरा करना होगा।

इन आंकड़ों का सत्यापन करने के बाद उन्हें 22 अगस्त तक जनगणना निदेशालय भेजना अनिवार्य होगा। विशेष चार्ज, वन चार्ज और चार्ज रजिस्टर की एक प्रति भी 15 अगस्त तक निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं जनगणना कार्य के लिए मास्टर ट्रेनर और फील्ड ट्रेनरों का नामांकन 22 अगस्त तक पूरा करना होगा। जनगणना निदेशालय ने सभी जिलाधिकारियों और प्रमुख जनगणना अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी कार्यों की लगातार समीक्षा करें और संशोधित समय-सीमा के भीतर उन्हें हर हाल में पूरा कराना सुनिश्चित करें।

 

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