खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से हो रहे काम, उत्कृष्ट खेल मिशन के लिए इस साल 100 करोड़ का प्रावधान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में विगत मार्च-अप्रैल में छत्तीसगढ़ में हुए देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। छत्तीसगढ़ में पहली बार इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न सत्रों में देशभर से आए खेल प्रशासकों, नीति निर्माताओं, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट्स, नामचीन खिलाड़ियों, विशेषज्ञों और खेल संघों के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं, खेल प्रतिभाओं की खोज, प्रशिक्षण और सुदृढ़ खेल अधोसंरचना के रोडमैप पर दिनभर मंथन किया।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के बीच आज दिनभर हुए गंभीर विचार-विमर्श से राज्य में खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के कार्यों को सार्थक एवं प्रभावी दिशा मिलेगी। राज्य में खेलों के विकास के लिए यह कॉन्क्लेव मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से काम हो रहे हैं। उत्कृष्ट खेल मिशन के अंतर्गत खेल अधोसंरचना को मजबूत करने इस साल के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हमने हाल ही में प्रदेशभर के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को मंजूरी दी है, जिन्हें आगे जाकर सरकार नौकरी में लाभ देगी। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खिलाड़ियों को खेलने के लिए अच्छा मंच उपलब्ध कराने बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन राज्य में हुए हैं। बस्तर ओलंपिक में करीब चार लाख और सरगुजा ओलंपिक में लगभग साढ़े तीन लाख खिलाड़ियों ने भागीदारी की है। राज्य की खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर और संसाधन देने की आवश्यकता है। इसके लिए हम लोग सक्रियता से काम कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव कहा कि यह कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में बहुत मददगार होगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेल और खिलाड़ियों की तरक्की और बेहतरी के लिए लगातार काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों में प्राकृतिक, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत युवा निकलते हैं। प्राथमिक कक्षाओं से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचान कर उन्हें तराशने और संवारने की कार्ययोजना पर हम काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विशेषज्ञों के जो अमूल्य सुझाव और मार्गदर्शन प्राप्त हुए हैं, उन पर निश्चित रूप से अमल किया जाएगा। आज के निष्कर्षों को शामिल कर हम विस्तृत कार्ययोजना बनाएंगे और उसे प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करेंगे।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार, संचालक मती तनुजा सलाम, ओलंपियन  जिन्सन जॉनसन, प्रख्यात शिक्षाविद एवं खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव  विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनॉलिस्ट  रोनक कोठारी, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक  मयंक वास्तव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर  राजेश चौहान सहित प्रदेश के अनेक खिलाड़ी, प्रशिक्षक, सभी जिलों के खेल अधिकारी एवं खेल संघों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कॉन्क्लेव में शामिल हुए।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक जीतने वाले 11 खिलाड़ियों और 3 टीमों को मिली प्रोत्साहन राशि

छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित जीते थे कुल 19 पदक

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में इस साल छत्तीसगढ़ में हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री  साय ने इस वर्ष 3 अप्रैल को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित कुल 19 पदक जीते थे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में निकिता ने भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं रिषिका कश्यप ने भारोत्तोलन, अनुष्का भगत ने तैराकी, लक्ष्मण सोढ़ी, अभिषेक, डमरू कुमार, गजेन्द्र ठाकुर और तिलक बारसे ने एथलेटिक्स में रजत पदक जीते थे। मनीष कुमार ने एथलेटिक्स, निखिल खलको ने तैराकी और लक्की बाबू ने भारोत्तोलन में कांस्य पदक जीते थे।

मुख्यमंत्री ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी को दो लाख रुपए, रजत पदक विजेताओं को डेढ़ लाख रुपए और कांस्य पदक विजेताओं को एक लाख रुपए के चेक प्रदान किए। वहीं टीम खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला फुटबॉल टीम को 22 लाख रुपए, रजत पदक विजेता पुरूष फुटबॉल टीम को साढ़े 16 लाख रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाली पुरूष हॉकी टीम को 9 लाख रुपए की राशि दी गई।

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