दतिया उपचुनाव में सुरक्षा के सख्त इंतजाम, हर मतदान केंद्र पर CRPF तैनात; ड्रोन कैमरों की भी रहेगी नजर

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दतिया

दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान से 48 घंटे पहले सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

30 जुलाई को होने वाले मतदान के लिए जिले में कुल 291 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 233 केंद्रों को क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है। शहरी क्षेत्र में 91 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। उत्तर प्रदेश और पड़ोसी जिलों की सीमा से लगे मतदान केंद्रों को विशेष रूप से संवेदनशील मानते हुए वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

जिले में एक पिंक बूथ भी बनाया गया है, जहां मतदान की पूरी प्रक्रिया महिला अधिकारियों और कर्मचारियों की निगरानी में संपन्न होगी। मतदान दलों को पोलिंग सामग्री का वितरण शुरू हो चुका है और सभी टीमों को समय पर अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रत्येक मतदान केंद्र पर 5 से 10 सीआरपीएफ जवान तैनात रहेंगे। इनके अलावा मध्य प्रदेश पुलिस और विशेष सशस्त्र बल (SAF) के जवान भी ड्यूटी पर रहेंगे। संवेदनशील और सीमावर्ती मतदान केंद्रों पर मोबाइल पार्टियां और क्विक रिस्पांस टीमें लगातार गश्त करेंगी। महत्वपूर्ण स्थानों पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।

क्या बोले कलेक्टर?
कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, धमकी या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी मतदान केंद्रों पर पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था की गई है। दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर तथा स्वयंसेवकों की सहायता उपलब्ध रहेगी।

वोटिंग के समय क्या-क्या लाना होगा?
मतदान 30 जुलाई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। मतदाता पहचान पत्र के अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों के आधार पर भी मतदान किया जा सकेगा। कलेक्टर ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करें और किसी भी प्रकार के प्रलोभन या बहकावे में न आएं।

प्रशासन निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उपचुनाव की मतगणना 3 अगस्त को जिला मुख्यालय पर होगी। स्ट्रांग रूम की 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की जाएगी और वहां पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। इधर, राजनीतिक दलों का चुनाव प्रचार सोमवार शाम 6 बजे थम जाएगा। इसके बाद प्रशासन का पूरा फोकस शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान संपन्न कराने पर रहेगा।

 

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