भोपाल में किसान आंदोलन उग्र, अर्धनग्न प्रदर्शन और बैरिकेड तोड़ने के बीच सरकार का बड़ा कदम; CM ने बनाई वार्ता समिति

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल 

अपनी मांगों को लेकर राजधानी भोपाल में दो दिन से डेरा डाले किसानों ने शहर के एक हिस्से के जाम कर रखा है। बुधवार को भी सैकड़ों किसान सावरकर सेतू एमप्री तिराहे पर जमे हुए हैं। किसान सीएम हाउस का घेराव करने के लिए कई जिलों से आए हैं। इधऱ, सीएम ने किसानों से वार्ता के लिए समिति का गठन किया है।

इधर, सीएम मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि किसानों से जुड़े विषयों पर संवाद और समाधान के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सुन रही है। उन्होंने बताया कि बुधवार को कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना को किसानों से चर्चा के लिए भेजा गया था, वहीं आज कृषि मंत्री समेत, मंत्री कृष्णा गौर, विश्वास सारंग, राकेश सिंह तथा वरिष्ठ अधिकारियों का दल किसानों से संवाद करेगा।

मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार पूरे मध्यप्रदेश में 'कृषि कल्याण वर्ष' मना रही है और किसानों के हित में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों के साथ सतत संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करना और कृषि को अधिक समृद्ध एवं लाभकारी बनाना है।

किसानों का अर्धनग्न प्रदर्शन
मूंग खरीदी, ई-टोकन सिस्टम समेत अन्य मांगों को लेकर भोपाल में किसानों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है। सीएम हाउस की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे किसानों को एम्प्री के पास वीर सावरकर सेतु पर पुलिस ने रोक दिया।

बसों की चार लेयर में बैरिकेडिंग की गई है। कुछ किसान पहले बैरिकेडिंग पर चढ़ गए थे, जिन्हें पुलिस ने समझाइश देकर नीचे उतार दिया। इसके बाद किसान वहीं बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

प्रदर्शन स्थल पर कुछ किसान अर्धनग्न होकर विरोध जता रहे हैं और सरकार से एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगें पूरी करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, कुछ किसान रातभर जागने के बाद आराम करते नजर आए। दाल-बाटी बनाकर सड़क पर ही लंच का इंतजाम किया।

बसों की चार लेयर में बैरिकेडिंग की गई है। कुछ किसान पहले बैरिकेडिंग पर चढ़ गए थे, जिन्हें पुलिस ने समझाइश देकर नीचे उतार दिया। इसके बाद किसान वहीं बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

प्रदर्शन स्थल पर कुछ किसान अर्धनग्न होकर विरोध जता रहे हैं और सरकार से एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगें पूरी करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, कुछ किसान रातभर जागने के बाद आराम करते नजर आए। दाल-बाटी बनाकर सड़क पर ही लंच का इंतजाम किया।

किसानों के समर्थन में Gen-Z भी प्रदर्शन में शामिल हैं। किसानों ने सरकार की 'सद्बुद्धि' के लिए हवन भी किया और आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई के बावजूद उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कई रास्तों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी है। इससे होशंगाबाद रोड और आसपास के इलाकों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात को देखते हुए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नर्मदापुरम रोड के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।

सीएम बोले- मंत्रियों का दल किसानों से बातचीत करेगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों से जुड़े मुद्दों पर संवाद के लिए सरकार ने एक कमेटी बनाई है। कमेटी में शामिल मंत्रियों का दल किसानों से बातचीत करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के सकारात्मक सुझावों के साथ है, लेकिन आम जनता को परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

किसानों के समर्थन में Gen-Z भी प्रदर्शन में शामिल हैं। किसानों ने सरकार की 'सद्बुद्धि' के लिए हवन भी किया और आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई के बावजूद उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कई रास्तों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी है। इससे होशंगाबाद रोड और आसपास के इलाकों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात को देखते हुए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नर्मदापुरम रोड के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।

सीएम बोले- मंत्रियों का दल किसानों से बातचीत करेगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों से जुड़े मुद्दों पर संवाद के लिए सरकार ने एक कमेटी बनाई है। कमेटी में शामिल मंत्रियों का दल किसानों से बातचीत करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के सकारात्मक सुझावों के साथ है, लेकिन आम जनता को परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हजारों किसान भाई अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्वक आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अहंकार में डूबी मोहन यादव सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।

किसान हित सर्वोपरि, जनता को न हो परेशानी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सदैव किसानों के साथ खड़ी है और उनके सकारात्मक सुझावों का स्वागत करती है। सरकार किसानों की हर व्यावहारिक समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है तथा संवाद के माध्यम से हर विषय का सकारात्मक निराकरण करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं, लेकिन आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसकी चिंता करना भी सभी पक्षों की साझा जिम्मेदारी है। सरकार बातचीत और आपसी सहमति के माध्यम से हर समस्या का समाधान निकालने में विश्वास रखती है।

किसान संगठनों से अपील
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय किसान संघ सहित सभी किसान संगठन प्रदेश के किसानों और जनता के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि जब सभी का उद्देश्य किसानों की बेहतरी है, तब संवाद और सहयोग के माध्यम से बेहतर परिणाम अवश्य प्राप्त होंगे।

विश्वविद्यालय के पास जमे हैं किसान
एमपी के नर्मदापुरम, हरदा, टिमरनी, नरसिंहपुर, बैतूल आदि क्षेत्रों से आए सैकड़ों किसान बेरिकेडिंग तोड़ते हुए राजधानी में प्रवेश कर गए थे। कल मंगलवार को ही उन्हें विश्वविद्यालय के पास एम्प्री तिराहे पर रोक दिया था। तभी से किसान वहीं पर जमे हैं। यह किसान अपने साथ एक सप्ताह का राशन लेकर भी आए हैं। वे सड़क पर ही दाल-बाटी बना रहे हैं और वहीं पर सो रहे हैं। बुधवार को भी सुबह से किसानों ने दाल-बाटी बनाने का काम शुरू कर दिया था। इसके बाद वे बेरिकेट्स तोड़ने की कोशिश करते हुए भी दिखे। बड़ी संख्या में आए किसान एक बस के ऊपर तक चढ़ गए। प्रशासन ने उन्हें समझा-बुझाकर नीचे उतारा। बुधवार को दोपहर तीन बजे तक किसान वहीं पर डेरा जमा बैठे हैं और सीएम हाउस को घेरने की चेतावनी दे रहे हैं।

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