लखनऊ
यूपी के कई जिलों में वर्षों से सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। किसान लगातार इसे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कुछ जिले ऐसे हैं जहां दो या तीन साल से नहीं बढ़े हैं। ऐसे में कुछ जिलों में इसे बढ़ाने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। ऐसे ही जिलों में से एक है बरेली। यहां जमीन के सर्किट रेट बढ़ाने के लिए ड्राफ्ट लगभग तैयार हो गया है। इस बार पहली अगस्त की जगह 15 अगस्त के आसपास नए सर्किल रेट लागू किए जाएंगे। व्यवसायिक, आवासीय के साथ ही कृषि भूमि के सर्किल रेट में भी 10 से 15 फीसदी तक की वृद्धि होगी। यह वृद्धि पुराने फॉर्मूले के आधार पर ही की जाएगी।
इस बार एक अगस्त से पूरे प्रदेश में संपत्तियों के सर्किल रेट और उस पर स्टांप शुल्क की गणना के लिए एक समान नियम लागू करने की तैयारी थी। अभी तक प्रत्येक जनपद में इनका अलग-अलग तरीका था, लेकिन इस बार आईजी निबंधन ने प्रदेश के सभी जनपदों के लिए मानकीकृत नियमावली जारी की थी, जिसके तहत संपत्ति के तीन वर्ग नगरीय, अर्द्धनगरीय और ग्रामीण तय किए गए थे।
पुराने फार्मूले के आधार पर ही बढ़ोतरी
सर्किल रेट की अधिकतम 25-25 श्रेणियां रखी गई हैं। हर श्रेणी में क्षेत्र के महत्व के मुताबिक आवासीय, व्यवसायिक, औद्योगिक और कृषि संपत्ति के सर्किल रेट का निर्धारण करना था। हालांकि अलग-अलग शहरों की परिस्थितियां अलग-अलग होने के कारण मानकीकृत नियमावली लागू नहीं हो पाई। अब पुराने फॉर्मूले के आधार पर ही सर्किल रेट को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए जिले में ड्राफ्ट तैयार हो गया है।
डीएम की मंजूरी के बाद ली जाएगी आपत्ति
जल्द ही नए सर्किल रेट पर डीएम की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद लोगों से आपत्ति के लिए आठ से दस दिनों का समय दिया जाएगा। आपत्तियों के निस्तारण के बाद नए सर्किल रेट लागू कर जाएंगे। बरेली में सदर तहसील के अर्द्धनगरीय इलाके पर सबसे ज्यादा फोकस किया जा रहा है। यह इलाका तेजी से विकसित हुआ है। इसके चलते यहां बड़ा उछाल नजर आएगा।
छह वर्ष बाद 2024 में बढ़े थे दाम
बरेली में छह साल बाद वर्ष 2024 में लगभग 350 कॉलोनियों में प्रॉपर्टी के सर्किल रेट में वृद्धि की गई थी। इसके बाद पिछले वर्ष भी वृद्धि की गई। अब इस बार भी वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है। एडीएम एफआर संतोष कुमार सिंह के अनुसार नए सर्किल रेट का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। लोगों से आपत्ति लेने के बाद उनका निराकरण किया जाएगा। इसके बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।
एक करोड़ तक महंगी हो सकती है जमीन
जिले में स्थित कृषक भूमि के सर्किल रेट में भी इजाफे की तैयारी है। सड़कों के पास स्थित कृषि भूमि की दरें प्रति हेक्टेयर एक करोड़ रुपये तक बढ़ सकती हैं। सबसे अधिक वृद्धि बरेली-रामपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने की संभावना है। इसमें नगरीय और अर्द्धनगरीय दोनों तरह के इलाके शामिल हैं। लगभग ऐसी ही स्थिति पीलीभीत रोड और बदायूं रोड पर भी होगी।
बदायूं रोड पर होगा उछाल
बीडीए ने बदायूं रोड पर तेजी से विकास किया है। बदायूं रोड पर आवासीय योजना की भी तैयारी है। इसके साथ ही रिंग रोड का निर्माण भी चल रहा है। बरेली-बदायूं रोड चौड़ीकरण तेजी से चल रहा है। गंगा एक्सप्रेस वे भी चालू हो चुका है। इस कारण बदायूं रोड पर स्थित कांधरपुर, शिवधाम कालोनी, बालाजी धाम, करेली, बुखारा आदि के सर्किल रेट में अच्छा उछाल आने की संभावना है।
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