चंडीगढ़.
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्य में घरेलू और सजावटी पेंट को लेड (सीसा) मुक्त बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब पेंट बनाने वाली कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके उत्पादों में लेड की मात्रा 90 पार्ट्स प्रति मिलियन (पीपीएम) से अधिक न हो।
साथ ही उन्हें मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से जांच प्रमाणपत्र भी लेना होगा और इसकी प्रति डीलरों व विक्रेताओं को उपलब्ध करानी होगी। बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि पेंट उद्योगों को दी जाने वाली सहमति (कंसेंट) प्रक्रिया में लेड संबंधी शर्तों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। यह कदम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के 2016 के नियमों के तहत उठाया गया है, जिनमें 90 पीपीएम से अधिक लेड वाले घरेलू और सजावटी पेंट निर्माण, बिक्री, आयात और निर्यात पर रोक है।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने कहा कि लेड बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इससे मस्तिष्क के विकास, सीखने की क्षमता और तंत्रिका तंत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इन निर्देशों का उद्देश्य नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना, जिम्मेदार विनिर्माण को बढ़ावा देना और पूरे पंजाब में सुरक्षित व लेड-मुक्त पेंट उपलब्ध कराना है।
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