हिसार.
जिला अदालत ने 10 साल पुराने सड़क हादसे के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना एक अलग अपराध है, लेकिन इससे दूसरे गाड़ी के चालक की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती।
अगर किसी के पास लाइसेंस नहीं है तो एक्सीडेंट करने वाले दूसरे गाड़ी चालक को छूट नहीं मिल जाएगी। अदालत ने मामले में आरोपित विजेंद्र की दोषसिद्धि बरकरार रखी, लेकिन यह देखते हुए कि वह पिछले 10 वर्षों से मुकदमे का सामना कर रहा है और परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है, उसकी एक वर्ष की कठोर कारावास की सजा को निरस्त कर केवल 1,500 रुपये जुर्माना लगाया है। मामला 21 जुलाई 2016 का है। हांसी के हुडा सेक्टर-6 में तेज रफ्तार आटो ने स्कूटी सवार सीता को टक्कर मार दी थी। हादसे में महिला के सिर, कालर बोन और हाथ में गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अपील के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि पीड़िता के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, इसलिए हादसे में उसकी भी लापरवाही थी।
अदालत ने यह दलील खारिज करते हुए कहा कि बिना लाइसेंस वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम के तहत अलग अपराध हो सकता है, लेकिन इससे दूसरे चालक को लापरवाही से वाहन चलाने या दुर्घटना करने की छूट नहीं मिल जाती। कोर्ट ने कहा कि मोड़ पर वाहन चलाते समय चालक का दायित्व है कि वह गति नियंत्रित रखे और सामने से आने वाले वाहनों का ध्यान रखे।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
