नई दिल्ली
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारत ने शानदार शुरुआत की है। भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने फाइनल मुकाबला जीतकर देश को बॉक्सिंग में पहला स्वर्ण पदक दिला दिया। यह ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का छठा स्वर्ण पदक है। प्रीति ने पूरे मुकाबले में आक्रामक खेल दिखाया और तीनों राउंड में अपनी प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बनाए रखी। निर्णायकों ने सर्वसम्मति से उनके पक्ष में फैसला सुनाया।
तीनों राउंड में दिखाया दबदबा
फाइनल मुकाबले में प्रीति पवार ने शुरुआत से ही शानदार पंच लगाए और विरोधी मुक्केबाज को संभलने का मौका नहीं दिया। तीसरे और अंतिम राउंड में भी उन्होंने लगातार सटीक लेफ्ट हुक और राइट हैंड पंच लगाए।
आखिरी मिनटों में उनकी प्रतिद्वंद्वी डेलागाओ वापसी की कोशिश करती नजर आईं, लेकिन प्रीति के तेज और सटीक मुक्कों के सामने टिक नहीं सकीं। अंत में भारतीय मुक्केबाज ने सर्वसम्मत निर्णय से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
भारत के लिए मेडलों की बरसात की उम्मीद
कॉमनवेल्थ गेम्स के 10वें दिन भारत के लिए कई और पदकों की उम्मीद बनी हुई है। बॉक्सिंग में आज 10 भारतीय मुक्केबाज फाइनल में उतरने वाले हैं। यदि सभी स्वर्ण जीतने में सफल रहते हैं, तो यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारतीय बॉक्सिंग का सबसे यादगार प्रदर्शन होगा।
प्रीति पवार के स्वर्ण पदक ने भारत के अभियान को शानदार शुरुआत दी है और अब खेल प्रेमियों की नजरें दिन के बाकी फाइनल मुकाबलों पर रहेंगी। इसके अलावा एथलेटिक्स में भी भारत की नजरें ट्रिपल जंप और पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ पर टिकी हैं, जहां गुलवीर सिंह से पदक की उम्मीद की जा रही है।
बता दें कि एथलेटिक्स में भारत की उम्मीदें गुलवीर सिंह पर रहेंगी, जो पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ के फाइनल में हिस्सा लेंगे। इससे पहले वो 10,000 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीत चुके हैं। वहीं पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा के फाइनल में प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु थिरुमरण उतरेंगे, जबकि पोल वॉल्ट के फाइनल में देव मीणा और कुलदीप कुमार भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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