कवर्धा.
जिले के अमेरा आदिवासी कन्या छात्रावास में 7वीं कक्षा की छात्रा की मौत के बाद कथित लापरवाही का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. परिजनों ने छात्रावास प्रबंधन पर समय पर इलाज नहीं कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं, विभाग ने तात्कालिक कार्रवाई करते हुए संबंधित अधीक्षिका को उनके पद से हटा दिया है. मामले की जांच जारी है.
जानकारी के अनुसार, अमेरा आदिवासी कन्या छात्रावास में अध्ययनरत कक्षा 7वीं की छात्रा बबिता पन्द्राम की 27 जुलाई की रात अचानक तबीयत बिगड़ गई. परिजनों का आरोप है कि उस समय छात्रावास अधीक्षिका मौजूद नहीं थीं और छात्रा को रात में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई. उनका कहना है कि उन्हें घटना की सूचना अगले दिन सुबह दी गई. सूचना मिलते ही परिजन छात्रावास पहुंचे और छात्रा को अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि उन्हें छात्रावास परिसर में प्रवेश करने से भी रोका गया. उनका कहना है कि अगर समय पर उपचार मिलता, तो छात्रा की जान बचाई जा सकती थी. घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जिले के कई छात्रावासों में अधीक्षक नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है.
छात्रावास अधीक्षिका को किया गया निलंबित
आदिम जाति कल्याण विभाग की अधिकारी लक्ष्मी पटेल ने मीडिया को बयान देने से इनकार कर दिया. वहीं, विभाग ने तात्कालिक कार्रवाई करते हुए संबंधित छात्रावास अधीक्षिका को हटा दिया है. हालांकि, यह कार्रवाई आरोपों की पुष्टि नहीं मानी जाएगी और मामले की विस्तृत जांच जारी है.
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल, छात्रा की मौत के वास्तविक कारणों और कथित लापरवाही की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी. प्रशासनिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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