भोपाल.
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने के लिए तैयार है। मौसम केंद्र भोपाल के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 4 और 5 अगस्त से राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
हालांकि, इससे पहले अगले 48 घंटों तक राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बौछारें ही पड़ेंगी। इस दौरान किसी भी जिले के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में राजस्थान के ऊपर एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है, जबकि मानसून ट्रफ लाइन मध्य प्रदेश के मध्य से होकर गुजर रही है। शनिवार को खरगोन, रतलाम और भोपाल जैसे जिलों में केवल हल्की बूंदाबांदी ही दर्ज की गई। रविवार और सोमवार को भी ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं।
4 और 5 अगस्त को इन जिलों में बरसेगी आफत
मौसम विभाग ने उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसमें छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और सीधी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज शामिल है।
प्रदेश में बारिश का मौजूदा हाल
इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश के 43 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें सागर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, नर्मदापुरम और ग्वालियर संभाग के कई प्रमुख जिले शामिल हैं। इसके विपरीत, भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर, खंडवा और खरगोन समेत केवल 12 जिलों में ही अब तक औसतन अधिक वर्षा हुई है।
जुलाई में भी 13% कम बरसा पानी
जून के महीने में राज्य में 14% कम बारिश हुई थी। हालांकि, जुलाई के शुरुआती हफ्तों में अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार आया था, लेकिन महीने के मध्य में मानसून के दो बार ब्रेक होने के कारण आंकड़ा फिर पिछड़ गया। जुलाई के अंतिम सप्ताह में नया सिस्टम सक्रिय होने के बावजूद कुल बारिश का कोटा सामान्य से 13% कम ही रहा।
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